राजनीति

चुनाव से पहले आयोग अलर्ट—असम, केरल और पुद्दुचेरी में सख्त निगरानी

282 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ असम, केरल और पुद्दुचेरी में तैनात केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की।

इस दौरान कुल 282 केंद्रीय पर्यवेक्षकों—जिनमें सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं—ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया। आंकड़ों के मुताबिक असम में 136, केरल में 108 और पुद्दुचेरी में 38 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करेंगे।

आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और किसी भी प्रकार के दबाव, हिंसा या प्रलोभन से मुक्त होनी चाहिए। आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा गया कि किसी भी उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पर्यवेक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे जनता और राजनीतिक दलों के लिए अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करें, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही, मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाओं—जैसे बैठने की व्यवस्था और मोबाइल जमा करने की सुविधा—को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

तकनीकी निगरानी को मजबूत करने के लिए वेबकास्टिंग और कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। मतदान प्रक्रिया के दौरान डेटा एंट्री, अमिट स्याही के उपयोग और फॉर्म 17-सी के सही भरने जैसी प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी व्यापक निगरानी व्यवस्था चुनाव की पारदर्शिता बढ़ाने में मददगार होगी, हालांकि जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन ही असली परीक्षा होगा।

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