एलन मस्क की तरफ से हजारों कर्मचारियों से 48 घंटे के भीतर अपनी पिछले हफ्ते की रिपोर्ट मांगने को लेकर अमेरिका में उहापोह की स्थिति बन गई है। कुछ एजेंसियों ने कर्मचारियों को जवाब देने को कहा, तो कुछ ने मना कर दिया, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल है।
मस्क की मांग से कर्मचारियों में हड़कंप अमेरिका में संघीय कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है क्योंकि उन्हें सोमवार तक अपनी हालिया उपलब्धियों की सूची देने के लिए कहा गया है। यह आदेश डीओजीई के प्रमुख एलन मस्क की तरफ से आया है। अगर कर्मचारी ऐसा नहीं करते, तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है। कई सरकारी एजेंसियों ने इस आदेश का विरोध किया है। वहीं, एफबीआई, विदेश विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी और पेंटागन जैसी प्रमुख एजेंसियों ने अपने कर्मचारियों को इसे न मानने के निर्देश भी दिए हैं। कई सांसदों और यूनियनों ने इस आदेश को अवैध बताते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।
मस्क ने मांगी रिपोर्ट, कर्मचारियों में तनाव शनिवार को एलन मस्क की टीम ने हजारों कर्मचारियों को ईमेल भेजकर 48 घंटे के भीतर पिछले हफ्ते की पांच उपलब्धियों की सूची देने को कहा। मस्क ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो कर्मचारी तय समय तक जवाब नहीं देंगे, वे अपनी नौकरी खो देंगे। इससे स्थिति और उलझ गई, क्योंकि कुछ एजेंसियों ने रिपोर्ट देने को कहा, तो कुछ ने इससे इनकार किया।
राजनीतिक हलकों में भी विवाद रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के कई नेता मस्क की मांग की आलोचना कर रहे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने कहा, “मस्क को समझना चाहिए कि ये कर्मचारी भी इंसान हैं, इनके परिवार और कर्ज हैं।” एफबीआई के नए निदेशक काश पटेल, जो ट्रंप के करीबी माने जाते हैं, ने कर्मचारियों को आदेश दिया कि वे मस्क के अनुरोध को फिलहाल अनदेखा करें।
मस्क का दावा: फर्जी कर्मचारी ले रहे वेतन एलन मस्क ने इस मांग को एक जांच प्रक्रिया बताया है। उन्होंने दावा किया कि कई सरकारी कर्मचारी इतनी कम मेहनत कर रहे हैं कि वे अपना ईमेल तक नहीं देखते। कुछ मामलों में मृत लोगों के नाम पर वेतन लिया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया।
सरकारी नौकरियों पर संकट ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले महीने में हजारों सरकारी कर्मचारी पहले ही अपनी नौकरियां गंवा चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले हफ्तों में और छंटनी की आशंका है।