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वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिलाओं की एंट्री, ऑनलाइन होगा डेटाबेस

– वक्फ बोर्ड में नया कानून बनने पर होंगे ये बड़े बदलाव

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड को लेकर ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया, जिसे लगभग 12 घंटे की चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। इस बिल को ‘यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (UMEED)’ नाम दिया गया है। अब इसे राज्यसभा में पेश किया गया है और वहां से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून बन जाएगा।

बिल के मुख्य बिंदु:

  • गैर-मुस्लिमों की एंट्री: नए कानून के तहत वक्फ बोर्ड में अब गैर-मुस्लिमों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड में कम से कम दो मुस्लिम महिलाओं की मौजूदगी अनिवार्य होगी।

  • महिलाओं को मिलेगा उत्तराधिकार: वक्फ की संपत्तियों में महिलाओं को भी उत्तराधिकारी के रूप में शामिल किया जाएगा। अब कोई भी व्यक्ति केवल उसी जमीन को वक्फ में दे सकेगा जो उसके नाम पर रजिस्टर्ड हो।

  • ऑनलाइन डेटाबेस अनिवार्य: सभी वक्फ संपत्तियों को छह महीने के भीतर एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस डेटाबेस में संपत्ति से जुड़ी सभी जानकारियां दर्ज करनी होंगी।

  • सामाजिक समावेशन: शिया, सुन्नी, पिछड़े मुस्लिम वर्ग, बोहरा और आगाखानी समुदायों के प्रतिनिधियों को वक्फ बोर्ड में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।

यह विधेयक पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशिता को बढ़ावा देगा और लंबे समय से वक्फ से जुड़ी चली आ रही अनियमितताओं पर लगाम लगाने में मददगार साबित होगा।

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