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उप्र के ईएसआईएस अस्पतालों का होगा कायाकल्प

  • ईएसआईसी चेन्नई अस्पताल की कार्यप्रणाली से प्रभावित हुए श्रम मंत्री अनिल राजभर

चेन्नई/लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम ने चेन्नई के केके नगर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा किया। इससे पूर्व मंत्री जी हैदराबाद स्थित ईएसआईसी अस्पताल का भी निरीक्षण कर चुके हैं। चेन्नई दौरे में उनके साथ प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम्, निदेशक ईएसआईएस सौम्या पांडे, विशेष सचिव नीलेश कुमार सिंह तथा अवर सचिव शिव सूरत उपस्थित थे।

डीन डॉ. कालिदास दत्तात्रेय चव्हाण ने मंत्री व टीम को अस्पताल के सभी प्रमुख विभागों का विस्तार से भ्रमण कराया। लगभग तीन घंटे तक चले इस दौरे के दौरान सामान्य चिकित्सा, हड्डी रोग, नेत्र, बाल रोग, रेडियोलॉजी, हृदय, न्यूरोसर्जरी, पैथोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, मूत्र रोग, रुधिर विज्ञान और आपातकालीन चिकित्सा विभाग का निरीक्षण किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पलता एवं अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजराजन भी इस दौरान मौजूद रहे। डीन ने जानकारी दी कि इस वर्ष से यहां रोबोटिक सर्जरी भी शुरू की जाएगी।

चेन्नई ईएसआईसी अस्पताल 1000 बिस्तरों वाला आधुनिक सुविधा युक्त संस्थान है, जहां सभी चिकित्सा पद और स्टाफ पूर्णत: भरे हुए हैं। प्रतिदिन औसतन 4,000 मरीज ओपीडी सेवाएं लेते हैं जबकि दवा वितरण एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कुल 10,000 से अधिक मरीजों को सेवा प्रदान की जाती है। अस्पताल में विकेन्द्रीकृत ओपीडी, बिस्तर के पास दवा वितरण, घर तक दवाइयाँ पहुँचाने के लिए डाक विभाग से समझौता, तथा मरीजों के लिए पुस्तकालय जैसी जनोन्मुखी सुविधाएं उपलब्ध हैं। नर्सों द्वारा वेतन से बनाया गया पुस्तकालय मरीजों में पढ़ने की रुचि बढ़ा रहा है।

मंत्री जी ने अस्पताल के ‘एक छात्र – एक श्रमिक परिवार’ कार्यक्रम की विशेष सराहना की। इस योजना में मेडिकल छात्र एक श्रमिक परिवार को गोद लेकर उनकी नियमित जांच, परामर्श और स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करते हैं। अस्पताल में 5G एम्बुलेंस, टेली-परामर्श सेवाएं और योग कक्षाएं भी नियमित संचालित की जा रही हैं। दौरे के दौरान मंत्री ने कुछ ज़रूरतमंद मरीजों को व्हीलचेयर वितरित की और स्वास्थ्य शिविर का भी अवलोकन किया।

डॉक्टरों, नर्सों और छात्रों के साथ आयोजित संवाद सत्र में मंत्री जी ने उनके समर्पण और सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अस्पताल श्रमिक समुदाय की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद, चेन्नई और फरीदाबाद के ईएसआईसी अस्पतालों की सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को उत्तर प्रदेश के ईएसआईएस अस्पतालों में अपनाया जाएगा ताकि राज्य के श्रमिकों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।

श्री अनिल राजभर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ईएसआईएस के अंतर्गत वर्तमान में 10 अस्पताल और 94 औषधालय संचालित हैं। आने वाले एक वर्ष में सभी का कायाकल्प एवं उन्नयन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे शीघ्र ही वाराणसी स्थित ईएसआईसी अस्पताल का पुनः निरीक्षण करेंगे और मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेज़ी लाएँगे।

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