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विकसित भारत 2047’ की कुंजी बनेगा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर: चिराग पासवान

निश्यच टाइम्स न्यूज़ डेस्क | डी.एफ. हिंदी

RTE–RTC उत्पादों की बढ़ती मांग, मूल्यवर्धन पर जोर

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान, National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Management (निफ्टम–कुंडली) में ‘अन्वेष–2026’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य उद्घाटन हुआ। केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित भारत–2047’ विजन को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभाएगा।

मंत्री ने कहा कि बदलती जीवनशैली के साथ रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उत्पादन पर्याप्त है, लेकिन असली ताकत मूल्यवर्धन में है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत में निर्मित खाद्य उत्पादों के व्यापार में 100% एफडीआई की अनुमति से निर्यात और निवेश को बढ़ावा मिला है।

PLI योजना ने रचा रिकॉर्ड, 3.29 लाख रोजगार सृजित

खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी ने बताया कि पीएलआई योजना के तहत 10,900 करोड़ रुपये के आवंटन में से 2,625 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 2.5 लाख रोजगार के लक्ष्य के मुकाबले 3.29 लाख रोजगार सृजित कर 131% उपलब्धि दर्ज की गई है। यह योजना सरकार की सफल पहलों में अग्रणी साबित हो रही है।

25 देशों के विशेषज्ञ एक मंच पर, वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत

तीन दिवसीय सम्मेलन में 25 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। तकनीकी सहयोग, सतत आपूर्ति श्रृंखला, निर्यातोन्मुख नवाचार और डिजिटल अनुपालन जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है। भारत का लक्ष्य है कि उसके खाद्य उत्पाद विश्व के हर भोजनालय तक पहुंचें।

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