5.01 लाख करोड़ का लैंगिक बजट, महिलाओं के सशक्तिकरण पर बड़ा दांव
पिछले वर्ष से 11.55% अधिक आवंटन, 53 मंत्रालय शामिल

📰 निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लैंगिक बजट में बड़ा इजाफा करते हुए महिलाओं और लड़कियों के कल्याण हेतु 5.01 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 4.49 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 11.55 प्रतिशत अधिक है।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री Nirmala Sitharaman ने 1 फरवरी 2026 को संसद में बजट पेश करते हुए लैंगिक समानता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। कुल बजट में लैंगिक आवंटन की हिस्सेदारी 8.86 प्रतिशत से बढ़कर 9.37 प्रतिशत हो गई है।
🔹 रिकॉर्ड संख्या में मंत्रालय शामिल
इस वर्ष 53 मंत्रालयों/विभागों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों को लैंगिक बजट में शामिल किया गया है, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। चार नए मंत्रालयों/विभागों को पहली बार इसमें स्थान मिला है।
🔹 तीन हिस्सों में बजट विभाजन
लैंगिक बजट विवरण को तीन भागों में विभाजित किया गया है—
- भाग क (100% महिला-विशिष्ट योजनाएं): 1,07,688.42 करोड़ रुपये (21.50%)
- भाग ख (30-99% महिला आवंटन): 3,63,412.37 करोड़ रुपये (72.54%)
- भाग ग (30% से कम महिला आवंटन): 29,777.94 करोड़ रुपये (5.95%)
🔹 शीर्ष मंत्रालयों को बड़ा हिस्सा
जिन 11 मंत्रालयों/विभागों को 30 प्रतिशत से अधिक आवंटन मिला है, उनमें प्रमुख हैं:
Ministry of Women and Child Development (81.73%),
Ministry of Rural Development (69.92%),
Ministry of Health and Family Welfare (40.44%),
Ministry of New and Renewable Energy (39.05%)।
इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, उच्च शिक्षा, पंचायती राज, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा स्कूली शिक्षा विभाग भी सूची में शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि यह बढ़ा हुआ आवंटन महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करेगा।



