उत्तर प्रदेशकुम्भ

महाकुंभ में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की महाबैठक

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद अब महाकुंभ 2025 में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की अहम बैठक होने जा रही है। 8 फरवरी को संगम तट, महाकुंभ नगर में होने वाली इस बैठक में प्रदेश में पशुधन, डेयरी उद्योग और गोशालाओं के विकास से जुड़े बड़े निर्णय लिए जाएंगे।
बैठक के मुख्य एजेंडे:
पशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार – प्रदेशभर में पशु अस्पतालों को 24 घंटे संचालित करने की योजना।
गोमूत्र का व्यावसायिक उपयोग – फिनायल, जैविक खाद और कीटनाशक निर्माण में होगा इस्तेमाल।
गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना – इफको दो हजार गोवंश की गोशाला स्थापित करेगा।
डेयरी पॉलिसी 2022 में बदलाव – दुग्ध उत्पादन दोगुना करने की रणनीति।
पशु स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
योगी सरकार पशु चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में 24 घंटे पशु अस्पताल उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। अस्पतालों में रात्रि सेवा के लिए एक पशु चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ और 1962 एंबुलेंस सेवा तैनात की जाएगी।
गोमूत्र से बनेगा फिनायल और जैविक खाद
सरकार गोमूत्र के औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी और कॉरपोरेट कंपनियों के साथ मिलकर गोमूत्र खरीदने की योजना बना रही है। इससे जैविक उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और गोशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा।
डेयरी उद्योग को मिलेगा नया रूप
बैठक में डेयरी पॉलिसी 2022 में बदलाव पर चर्चा होगी। सरकार डेयरी उद्योग को नई औद्योगिक नीति से जोड़कर दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने की योजना बना रही है। कन्नौज, गोरखपुर और कानपुर के डेयरी प्लांट एनडीडीबी को लीज पर दिए जा सकते हैं, जिससे दुग्ध संघों को मजबूती मिलेगी।
महाकुंभ में होने वाली इस बैठक के बाद कैबिनेट में प्रस्तावों को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश को पशुधन और डेयरी उद्योग में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सके |

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