राजनीति

खड़गे के वायरल वीडियो पर गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया: ‘वाह रे कांग्रेस, सीता राम केसरी जी के बाद खड़गे जी’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के वायरल वीडियो पर भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि खड़गे के साथ कांग्रेस ने वैसा ही अपमानजनक व्यवहार किया है जैसा 1998 में सीता राम केसरी के साथ किया गया था। गिरिराज सिंह ने खड़गे का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “वाह रे कांग्रेस, सीता राम केशरी जी के बाद खड़गे जी।”
क्या है वायरल वीडियो की घटना?
यह वीडियो वायनाड के कलेक्टर ऑफिस का है, जहां प्रियंका गांधी नामांकन दाखिल करने पहुंची थीं। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, जिनमें मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल थे, मौजूद थे। वीडियो में खड़गे को कलेक्टर के कमरे के बाहर खड़े होकर अंदर झांकते हुए दिखाया गया है। उन्हें कमरे के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया, और इसी दौरान किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब वायरल हो गया है।
गिरिराज सिंह ने क्यों की तुलना सीता राम केसरी से?
गिरिराज सिंह ने इस घटना को सीता राम केसरी के अपमानजनक व्यवहार से जोड़ा। सीता राम केसरी 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष थे और स्वतंत्रता सेनानी व दलित नेता के रूप में उनकी पहचान थी। लेकिन जब कांग्रेस लोकसभा चुनाव में हार गई, तो पार्टी के कई नेताओं ने सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग की। केसरी ने पद छोड़ने से मना कर दिया, जिसके बाद उन्हें जबरन अध्यक्ष पद से हटाया गया था। इस घटना को उनके अपमान के रूप में देखा गया था, और उनके साथ पार्टी कार्यालय में अपशब्द भी कहे गए थे। गिरिराज सिंह ने खड़गे के साथ हुई इस घटना की तुलना उसी अपमानजनक व्यवहार से की है।
बीजेपी ने साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर गांधी परिवार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि खड़गे गांधी परिवार से नहीं हैं, इसलिए उन्हें, भले ही वह कांग्रेस अध्यक्ष हों, कमरे के अंदर नहीं जाने दिया गया। भाजपा ने यह आरोप लगाया है कि कांग्रेस दलित नेताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार करती रही है, और खड़गे के साथ हुई यह घटना उसी परंपरा का हिस्सा है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने सीता राम केसरी के साथ जिस तरह का बर्ताव किया था, वही अब खड़गे के साथ हो रहा है।
कांग्रेस में हलचल
इस घटना ने कांग्रेस के भीतर भी हलचल मचा दी है, जहां दलित नेताओं के साथ व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमाता जा रहा है।

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