
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनहित और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बच रहा है और बेवजह व्यवधान डाल रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा, “सुरेश खन्ना का यह आरोप निराधार है कि समाजवादी पार्टी के सदस्य सदन नहीं चलने देते। विधानसभा की कार्यवाही चलाने की प्राथमिक जिम्मेदारी संसदीय कार्य मंत्री की होती है। अगर सदन नहीं चल रहा है तो इसमें विपक्ष की कोई भूमिका नहीं है। सरकार खुद नहीं चाहती कि सदन योजनाबद्ध तरीके से चले, क्योंकि इससे उसकी नाकामियां उजागर हो जाएंगी।”
सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने सैफई के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) और अखिलेश यादव के प्रयासों से सैफई राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। यहां अस्पताल, स्टेडियम और बिजली की बेहतर सुविधा मौजूद है। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 के बीच जिले में व्यापक विकास कार्य हुए थे, और सत्ता में लौटने पर इन कार्यों को और आगे बढ़ाया जाएगा।
सपा विधायक संग्राम यादव ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “सत्र के पहले दिन ही हमने बाढ़ प्रभावित इलाकों पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया। कई गांव कटाव की वजह से डूब रहे हैं, फिर भी सरकार उदासीन है।” उन्होंने बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए कहा कि परीक्षाएं समय पर न होने से लाखों युवा ओवरएज हो रहे हैं और सरकारी विभागों में खाली पद भरे नहीं जा रहे।


