धर्म

अहिंसा और प्रेम का पर्व—जैन समाज ने श्रद्धा व उत्साह से मनाया जन्मोत्सव

महावीर जयंती पर लखनऊ में भव्य रथयात्रा, गूंजा ‘जियो और जीने दो’ का संदेश

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क

लखनऊ में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर Mahavir Swami की जयंती पूरे श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाई गई। राजधानी के विभिन्न जैन मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ा, जहां भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला।

दिगंबर जैन मंदिर से निकली भव्य रथयात्रा इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। ‘जियो और जीने दो’ का संदेश देती यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों—अमीनाबाद और चारबाग—से होकर गुजरी। सजे-धजे घोड़े, पारंपरिक बग्घियां और बैंड-बाजों की धुनों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। महिलाएं और युवा भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए, जिससे पूरे शहर में उत्साह का वातावरण बन गया। जिसमें समाज के प्रमुख सदस्य जैसे अशोक जैन, आदेश कुमार जैन, तंबू कुमार जैन और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। इसके अलावा ज्ञानमती अवध प्रांतीय महिला संगठन ट्रस्ट, लखनऊ की अध्यक्ष सुनयना क्षमा जैन की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भव्य बनाया।

सुबह खनाद, मंगल आरती और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद धार्मिक ग्रंथों का पाठ और भगवान महावीर के सिद्धांतों पर आधारित प्रवचन आयोजित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि महावीर स्वामी के बताए मार्ग—अहिंसा, सत्य और करुणा—पर चलकर ही एक सुंदर और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण संभव है।

शाम को आयोजित प्रवचनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में प्रेम, सहिष्णुता और एकता का संदेश भी दे गया।

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