अयोध्या में फिर होगा भव्य ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह, इस बार भगवान राम होंगे ‘राजा’ के रूप में स्थापित

-राम दरबार की मूर्तियों की स्थापना के साथ मंदिर निर्माण का कार्य अप्रैल में होगा पूर्ण
अयोध्या। राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के एक साल बाद अयोध्या में राम मंदिर में एक और महत्वपूर्ण ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह अगले महीने आयोजित होने जा रहा है। इस बार भगवान राम को ‘राजा’ के रूप में प्रतिष्ठित किया जाएगा। यह आयोजन मंदिर की पहली मंज़िल पर राम दरबार की स्थापना के साथ होगा, जिसमें भगवान राम के साथ माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की भी मूर्तियाँ स्थापित की जाएंगी। जानकारी के अनुसार, यह समारोह पिछले वर्ष 22 जनवरी को हुए भव्य समारोह से छोटा होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 8,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस बार आयोजन सीमित होगा, लेकिन इसका महत्व उतना ही गहरा होगा क्योंकि यह मंदिर निर्माण कार्य की पूर्णता का प्रतीक भी बनेगा। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य 15 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। 20,000 क्यूबिक फीट पत्थर का कार्य शेष है और 30 अप्रैल तक सभी मूर्तियाँ मंदिर परिसर में पहुंच जाएंगी। राम दरबार की मूर्तियाँ जयपुर में मकराना संगमरमर से बनाई जा रही हैं। इनका निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार प्रशांत पांडे और उनकी टीम कर रही है। वहीं, राम लला की 51 इंच ऊंची बाल स्वरूप मूर्ति कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई थी।

मंदिर परिसर में संत तुलसीदास की भव्य प्रतिमा भी लगाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, लगभग 4 किलोमीटर दूर एक अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का निर्माण भी अंतिम चरण में है, जिसमें रामायण की घटनाओं पर आधारित होलोग्राम, राम मंदिर आंदोलन का इतिहास और पुरातात्विक खोजों की प्रदर्शनी होगी। जानकारों के अनुसार, मंदिर परिसर का 90% कार्य पूर्ण हो चुका है और परकोटे सहित शेष भाग इस वर्ष के भीतर पूरा हो जाएगा। नया प्राण प्रतिष्ठा समारोह धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर बनने जा रहा है।



