महाकवि गोपाल दास नीरज की जन्मशती पर भव्य “यह नीरज की प्रेम सभा है” का आयोजन

लखनऊ, : महाकवि और पद्मभूषण डॉ. गोपाल दास नीरज जी की जन्मशती वर्ष के अवसर पर “यह नीरज की प्रेम सभा है” कार्यक्रम का आयोजन हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में संत गाडगे प्रेक्षा गृह, संगीत नाटक अकादमी में हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, विशिष्ट अतिथि मुकेश शर्मा (सदस्य विधान परिषद), पवन सिंह चौहान (सभापति, वित्तीय विलंब समिति), और राजेश पांडे (रिटायर्ड आईपीएस) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार ने की।
नीरज को समर्पित कार्यक्रम
कार्यक्रम में नीरज के अमूल्य योगदान को याद करते हुए साहित्य और संगीत क्षेत्र के 6 प्रबुद्धजनों को सम्मानित किया गया। साथ ही, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, नीरज के गीतों पर बांसुरी वादन और नृत्य प्रस्तुतियां हुईं। कवि सम्मेलन में डॉ. विष्णु सक्सेना, डॉ. प्रवीण शुक्ल, दिनेश रघुवंशी, डॉ. सोनरूपा विशाल, और अन्य कवियों ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि के विचार
मुख्य अतिथि दिनेश शर्मा ने कहा, नीरज ने अपने गीतों से प्रेम, मानवता और भारतीयता का संदेश दिया। उनका जीवन और लेखनी प्रेरणा का स्रोत हैं।”
हर्ष वर्धन अग्रवाल का संदेश
हेल्प यू ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल ने कहा,
“नीरज जी के गीत आज भी हमें प्रेरणा देते हैं। उनकी पंक्तियां ‘एक मजहब कोई ऐसा भी चलाया जाए, जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए’ हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं।” उन्होंने “गोपाल दास नीरज स्मृति पुरस्कार” के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।
कला और संस्कृति का संगम
कार्यक्रम का समापन बांसुरी वादन और नृत्य प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसने श्रोताओं को नीरज की स्मृतियों में डुबो दिया।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर नीरज जी के परिवार के सदस्य, साहित्यकार, और लखनऊ के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। “यह नीरज की प्रेम सभा है” ने साहित्य और संगीत प्रेमियों को नीरज की विरासत से जोड़ने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया।



