हेल्थ

नोटिस, भुगतान रोक—फिर भी सवाल बरकरार

निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल

गंदगी और लापरवाही पर भड़के डिप्टी सीएम

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क | डीएफ हिंदी

लखनऊ और सीतापुर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आ गई, जब प्रदेश के डिप्टी सीएम लगातार निरीक्षण के दौरान खामियों पर सख्त नजर आए। चिनहट सीएचसी के औचक निरीक्षण के बाद वे सीतापुर के सिधौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां हालात देखकर उन्हें कड़ी नाराजगी जतानी पड़ी।

सिधौली सीएचसी में गंदगी, पेयजल की बदहाल व्यवस्था और मरीजों की लंबी कतारें स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही को उजागर कर रही थीं। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए साफ निर्देश दिया कि जब तक व्यवस्थाएं दुरुस्त न हों, तब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी केंद्र नहीं छोड़े। इसके साथ ही सफाई एजेंसी को नोटिस जारी करने और एक सप्ताह का भुगतान रोकने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान एक्स-रे के लिए मरीजों की लंबी लाइन ने व्यवस्था की पोल खोल दी। स्थिति यह थी कि मशीन होते हुए भी सेवाएं सुचारू नहीं थीं। डिप्टी सीएम को खुद जनरेटर चालू करवाना पड़ा, तब जाकर एक्स-रे की प्रक्रिया शुरू हो सकी। यह तस्वीर दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं किस हद तक अव्यवस्थित हैं।

हालांकि ने सख्ती दिखाते हुए उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की बात दोहराई, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल निरीक्षण और निर्देशों से हालात बदलेंगे? बार-बार सामने आ रही ऐसी तस्वीरें संकेत देती हैं कि सिस्टम में गहराई तक खामियां मौजूद हैं।

मरीजों से बातचीत के दौरान भी कई शिकायतें सामने आईं, जिससे स्पष्ट हुआ कि सुविधाओं की कमी और प्रबंधन की कमजोरी आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। ऐसे में यह निरीक्षण एक चेतावनी जरूर है, लेकिन सुधार की असली परीक्षा अब क्रियान्वयन में होगी।

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