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शहद और दालचीनी: क्यों कहा जाता है इसे स्वास्थ्य का अमृत?

आयुर्वेद में शहद और दालचीनी को एक प्रभावशाली प्राकृतिक औषधि के रूप में स्थान प्राप्त है। यह दोनों तत्व न केवल रोज़मर्रा की बीमारियों में राहत देते हैं, बल्कि शरीर को भीतर से स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में भी बेहद उपयोगी माने जाते हैं। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी इन दोनों को स्वास्थ्यवर्धक संयोजन के रूप में उल्लेखित किया गया है।

शहद और दालचीनी का मिश्रण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है। वैज्ञानिक शोधों में भी यह प्रमाणित हुआ है कि इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में सहायक होते हैं। यह मिश्रण शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाने, संक्रमण से बचाव करने और थकान दूर करने में मदद करता है।

यदि आप सर्दी, खांसी या हल्के बुखार से पीड़ित हैं, तो एक चम्मच शहद में चुटकी भर दालचीनी मिलाकर दिन में दो बार सेवन करने से गले की खराश, बंद नाक और कमजोरी में राहत मिल सकती है। यह मिश्रण गले को कोमल बनाता है और बलगम को भी बाहर निकालने में सहायक होता है।

हृदय स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह संयोजन बेहद उपयोगी है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को संतुलित करता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा घटता है। साथ ही, दालचीनी मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है और शहद शरीर को फौरन ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे वजन नियंत्रण में भी मदद मिलती है।

मधुमेह के रोगियों के लिए भी यह मिश्रण फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। बशर्ते कि इसका सेवन नियंत्रित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से किया जाए।

कुल मिलाकर, शहद और दालचीनी का संयोजन एक ऐसा प्राकृतिक उपचार है, जो शरीर को भीतर से मज़बूत बनाता है और जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। यही कारण है कि इसे ‘स्वास्थ्य का खजाना’ कहा जाता है।

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