अवधी साहित्य की साधना को मिला सम्मान: डॉ. अशोक अज्ञानी को ‘मित्र स्मृति अवधी सम्मान–2026’

यू.पी. प्रेस क्लब में अवधी उत्सव, डॉ. अशोक अज्ञानी सम्मानित, नवगीत संग्रह का लोकार्पण
निश्चयट टाइम्स डेस्क। अवधी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रख्यात रचनाकार एवं शोधकर्ता डॉ. अशोक अज्ञानी को वर्ष ‘मित्र स्मृति अवधी सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अवधी के वरेण्य साहित्यकार स्व. लक्ष्मण प्रसाद मित्र की स्मृति में लक्ष्मण प्रसाद मित्र सेवा संस्थान के तत्वावधान में यू.पी. प्रेस क्लब, लखनऊ के सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया।
समारोह में विशिष्ट अतिथियों डॉ. अर्जुन पाण्डेय, मनोरमा साहू, अजय साहू एवं डॉ. राम बहादुर मिश्र ने डॉ. अशोक अज्ञानी को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह तथा ₹11,000 की सम्मान राशि भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और अवधी भाषा के प्रति समर्पण की भावनाएं स्पष्ट रूप से झलकती रहीं।
इस अवसर पर डॉ. अशोक अज्ञानी के नवीनतम अवधी गीत-नवगीत संग्रह ‘कहाँ करें फरियाद फलाने’ का लोकार्पण भी किया गया। संग्रह की चयनित रचनाओं का सस्वर वाचन सुप्रसिद्ध लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि ने किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। उल्लेखनीय है कि डॉ. अज्ञानी की अब तक 15 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें से 10 पुस्तकें अवधी साहित्य के विविध पक्षों पर केंद्रित हैं और उन पर अनेक शोध कार्य संचालित हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि डॉ. अर्जुन पाण्डेय (अमेठी) ने अवधी भाषा और साहित्य के ऐतिहासिक विकास, उसके सामाजिक सरोकारों और लोक चेतना पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक डॉ. राम नरेश ने डॉ. अज्ञानी की रचनात्मक साधना को रेखांकित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अवधी से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
वहीं डॉ. राम बहादुर मिश्र ने स्व. लक्ष्मण प्रसाद मित्र की अवधी-साधना और उनके साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान अवधी साहित्य को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ल, लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि और अजय साहू को उमाशंकर तिवारी द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। समारोह में पंडित आदित्य द्विवेदी, कुमार तरल, दया राम मौर्य सहित अनेक साहित्यकार, साहित्य-प्रेमी एवं सुधि श्रोता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. नागेन्द्र सिंह ने किया।



