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यूको बैंक पर आरबीआई का 38.60 लाख का जुर्माना

बचत खाते, लॉकर रेंट और SHG रिपोर्टिंग में लापरवाही पड़ी भारी

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डी एफ हिंदी

देश के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामकीय निर्देशों के उल्लंघन पर यूको बैंक पर 38.60 लाख रुपये का मौद्रिक दंड लगाया है। यह कार्रवाई 16 फरवरी 2026 के आदेश के तहत की गई।

आरबीआई ने यह जुर्माना ‘बचत जमाओं पर ब्याज भुगतान की आवृत्ति’, ‘लॉकर किराया’ और ‘स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों से संबंधित क्रेडिट सूचना रिपोर्टिंग’ के निर्देशों का पालन न करने पर लगाया है। यह दंड बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 और क्रेडिट सूचना कंपनियां (विनियमन) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

आरबीआई द्वारा बैंक की 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर वैधानिक निरीक्षण (ISE 2025) किया गया था। निरीक्षण में सामने आया कि बैंक ने कुछ बचत बैंक खातों पर ब्याज का भुगतान नहीं किया। साथ ही, स्वयं सहायता समूह के सदस्य-स्तर के क्रेडिट संबंधी आंकड़ों को क्रेडिट सूचना कंपनियों को रिपोर्ट नहीं किया गया।

इसके अतिरिक्त, कुछ ग्राहकों द्वारा लॉकर का समय से पहले समर्पण करने पर अग्रिम में लिए गए लॉकर किराए की आनुपातिक राशि वापस नहीं की गई। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आरबीआई ने बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। बैंक के जवाब और अतिरिक्त प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद आरोप सही पाए गए और जुर्माना लगाया गया।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में कमियों के आधार पर की गई है। इसका उद्देश्य बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर टिप्पणी करना नहीं है। साथ ही, यह दंड भविष्य में की जाने वाली अन्य संभावित कार्रवाइयों पर प्रभाव डाले बिना है।

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