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साही’ और ‘बोध’ पहल के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के नैतिक उपयोग पर सरकार का बड़ा फोकस

जे.पी. नड्डा ने यशोदा मेडिसिटी में एआई आधारित ई-आईसीयू कमांड सेंटर का किया उद्घाटन

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क | डी.एफ. हिंदी

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Jagat Prakash Nadda ने गाजियाबाद स्थित Yashoda Medcity में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ई-आईसीयू कमांड सेंटर का उद्घाटन कर गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के नए युग की शुरुआत की। यह सेंटर एमएमजी जिला अस्पताल की आईसीयू सुविधा से एकीकृत है, जिससे गंभीर मरीजों की 24×7 रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।

मंत्री नड्डा ने कहा कि एआई-सक्षम स्वास्थ्य सेवाएं समयबद्ध उपचार, सटीक निदान और तत्काल चिकित्सीय हस्तक्षेप में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। एआई आधारित अलर्ट सिस्टम गंभीर स्थितियों की शुरुआती चेतावनी देकर मरीजों की सुरक्षा को मजबूत करेगा। उन्होंने इसे जिला स्तर पर गहन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल क्रांति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि देशभर में 1.81 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 50,000 से अधिक राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) से प्रमाणित हैं। सरकार ने अगले दो वर्षों में सभी केंद्रों को शत-प्रतिशत एनक्यूएएस प्रमाणन देने का लक्ष्य तय किया है।

नड्डा ने बताया कि ई-संजीवनी के माध्यम से 45 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श दिए जा चुके हैं। वहीं, यू-विन प्लेटफॉर्म के जरिए 11.47 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हुआ है। टीबी मामलों में 17% की गिरावट दर्ज की गई है, जो वैश्विक औसत से बेहतर है।

एआई के जिम्मेदार उपयोग के लिए ‘साही’ (Strategy for AI in Healthcare for India) पोर्टल और ‘बोध’ (Benchmarking Open Data Platform for Health AI) पहल की भी शुरुआत की गई है। मंत्री ने कहा कि डिजिटल और एआई-सक्षम स्वास्थ्य तंत्र से देश में गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

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