माघ मेला 2026: यूपी परिवहन निगम बना श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा सहारा, 10 लाख से अधिक यात्रियों ने बसों से किया संगम स्नान
3800 बसें, 24 घंटे सेवा और सुरक्षित यात्रा: प्रयागराज माघ मेले में UPSRTC का रिकॉर्ड प्रदर्शन

निश्चयट टाइम्स डेस्क। माघ मेला 2026 और कुंभ स्नान के सफल आयोजन में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) ने अहम भूमिका निभाते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुलभ और सुगम यात्रा सुनिश्चित की है। 01 फरवरी 2026 तक लगभग 10 लाख श्रद्धालु और पर्यटक परिवहन निगम की बस सेवाओं के माध्यम से प्रयागराज पहुंचे और संगम की पावन धरा पर स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि माघ मेला 2026 के दौरान पूरे प्रदेश से करीब 3800 बसों को प्रयागराज के लिए लगाया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एसी और नॉन-एसी दोनों प्रकार की बस सेवाएं संचालित की गईं, जिससे प्रमुख शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी यात्री कम किराए में प्रयागराज पहुंच सके।
उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बसों में सैनेटाइजेशन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। भारी भीड़ को देखते हुए सामान्य दिनों के साथ-साथ प्रमुख स्नान पर्वों पर अतिरिक्त बसों का भी संचालन किया गया और पर्याप्त संख्या में बसें रिजर्व में रखी गईं।
प्रमुख स्नान तिथियों पर विशेष व्यवस्था
परिवहन मंत्री ने बताया कि
- 03 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को 1800 बसें आवंटित की गईं, जिनमें से 783 बसों से 16,341 यात्रियों ने यात्रा की।
- 15 जनवरी (मकर संक्रांति) पर 1800 बसों में से 1540 बसों से 30,627 यात्रियों ने यात्रा की।
- 18 जनवरी (मौनी अमावस्या) को 3800 बसें लगाई गईं, जिनमें से 2387 बसों से 74,462 यात्रियों ने यात्रा की।
- 23 जनवरी (बसंत पंचमी) पर 1526 बसों से 48,111 यात्रियों ने सफर किया।
- 01 फरवरी (माघी पूर्णिमा) पर 1297 बसों के संचालन से 42,753 श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे।
इस प्रकार प्रमुख स्नान तिथियों पर कुल 7,533 बसों का अतिरिक्त संचालन किया गया, जिससे 2.12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की।
24 घंटे बस सेवा और सहायता केंद्र
03 जनवरी से 01 फरवरी 2026 तक औसतन 1178 बसें प्रतिदिन संचालित की गईं। परिवहन निगम ने 24 घंटे बस सेवा सुनिश्चित की ताकि श्रद्धालु समय पर स्नान कर सुरक्षित रूप से वापस लौट सकें। यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए, जहां बस रूट, समय-सारणी और अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गईं।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि यूपी परिवहन निगम आगे भी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।



