राष्ट्रीय

ईंधन सप्लाई पर चौकसी, अफवाहों से बचने की अपील

छापों से कालाबाजारी पर वार, 24 घंटे में 2500 रेड: LPG-पेट्रोल की किल्लत की खबरें भ्रामक

खाड़ी तनाव के बीच भारत की रणनीति तेज: 5.5 लाख नागरिक सुरक्षित लौटे, सप्लाई चेन पर सख्त निगरानी

    निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क

    पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने बहु-स्तरीय रणनीति के जरिए देश में उर्वरक, ईंधन और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने का दावा किया है। राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम, उर्वरक, शिपिंग और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने साफ किया कि हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन नियंत्रण में हैं।

    सरकार ने स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र से यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों का बड़ा हिस्सा आयात होता है, वहीं LNG भी यूरिया उत्पादन के लिए अहम है। वैश्विक कीमतों में उछाल और आपूर्ति बाधाओं के बावजूद देश में करीब 180 लाख टन उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। खरीफ 2026 की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने कई देशों से आयात के विकल्प तैयार किए हैं।

    हालांकि उत्पादन पर असर भी सामने आया है—मार्च 2025 के मुकाबले यूरिया उत्पादन में गिरावट दर्ज हुई है। इसके बावजूद सरकार का दावा है कि गैस आपूर्ति बढ़ाकर उत्पादन को धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।

    ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने स्थिति सामान्य बताते हुए कहा कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के चलते लोगों द्वारा घबराकर खरीदारी करने से असामान्य भीड़ देखी गई। सरकार ने सख्त चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी।

    पिछले 24 घंटों में 2500 से अधिक छापे मारकर 2000 से ज्यादा LPG सिलेंडर जब्त किए गए हैं। 500 से अधिक वितरकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जो इस बात का संकेत है कि संकट के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी का खतरा बना हुआ है।

    सरकार ने यह भी बताया कि PNG और CNG को प्राथमिकता दी जा रही है और घरेलू उपभोक्ताओं को 100% आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को सीमित सप्लाई दी जा रही है, जिससे उद्योगों पर दबाव बना हुआ है।

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक लगभग 5.5 लाख भारतीय नागरिक सुरक्षित देश लौट चुके हैं। Narendra Modi ने हाल ही में Mohammed bin Salman से बातचीत कर क्षेत्रीय सुरक्षा और भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा की।

    सरकार ने माना कि अब तक 8 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और एक लापता है, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है।

    समुद्री मोर्चे पर भी सरकार सतर्क है। फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 24×7 निगरानी रखी जा रही है। DG Shipping कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय है।

    सरकार ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, जरूरत से ज्यादा ईंधन या गैस की खरीद न करें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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