
असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों की गहन समीक्षा
निर्वाचन आयोग ने आगामी असम विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ गुवाहाटी में दो दिवसीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
राजनीतिक दलों से सीधे संवाद
समीक्षा दौरे के पहले दिन आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों—आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, माकपा, कांग्रेस, एआईयूडीएफ, असम गण परिषद, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट—के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
राजनीतिक दलों को अपने सुझाव और चिंताएं रखने का पूरा अवसर दिया गया। अधिकांश दलों ने चुनाव एक चरण या अधिकतम दो चरणों में कराने की मांग रखी। साथ ही, चुनाव कार्यक्रम तय करते समय बिहू पर्व को ध्यान में रखने की अपील की गई।
मतदाता सूची संशोधन की सराहना
बैठक के दौरान दलों ने असम में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया की सराहना की। उन्होंने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के सुझाव भी दिए।
सुरक्षा और प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा
राजनीतिक दलों से संवाद के बाद आयोग ने आईजी, डीआईजी, जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSPs) के साथ चुनावी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, जब्ती कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।
संविधान के अनुरूप चुनाव कराने पर जोर
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट कहा कि चुनाव पूरी तरह संविधान, संबंधित कानूनों और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कराए जाएंगे। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को पूर्ण निष्पक्षता बरतने और राजनीतिक दलों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मतदाताओं के लिए ‘उत्सव’ जैसा माहौल
आयोग ने मतदान केंद्रों को आकर्षक, स्वागतयोग्य और मतदाता-अनुकूल बनाने के निर्देश दिए, ताकि मतदान एक सकारात्मक और उत्सव जैसा अनुभव बने।
फेक न्यूज़ पर सख्ती
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
निर्वाचन आयोग की यह पहल पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



