उत्तर प्रदेश

अधिवक्ता तैयार हुए तो शाम को भी चलाई जाएंगी अदालतें

प्रयागराज। केंद्र सरकार अदालतों में बढ़ते मुकदमे के बोझ को निपटाने की जिम्मेदारी सेवानिवृत जजों और कर्मचारियों की सौंप कर सायंकालीन कोर्ट चलाने की तैयारी कर रही है. बशर्ते, अधिवक्ता इसके लिए तैयार हों.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के जिला जजों को पत्र लिखकर सभी बार एसोसिएशन से सुझाव आमंत्रित किया है. इसमें कहा गया है कि जिला जज बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वकीलों को सायंकालीन कोर्ट के संचालन की योजना से अवगत करवाएं और उनकी राय आधिकारिक ईमेल पर भेजें.

सायंकालीन अदालतों का संचालन पहले से मौजूद न्याय कक्षों में ही किया जाना है. इसके अनुसार, अदालत शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक काम करेगी. इनमें वर्षों से लंबित संक्षिप्त ट्रायल और चेक अनादर से जुड़े मुकदमों की सुनवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि अगर सायंकालीन कोर्ट चलाने की योजना परवान चढ़ी तो मुकदमों के बढ़ते बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

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