
सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर आप इस सावन में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित विधि से पूजा करें और महादेव को अर्पित करें ये चीजें:
पूजा की विधि
1. स्नान और शुद्धिकरण
- सबसे पहले प्रातःकाल स्नान कर लें।
- स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
2. पूजा स्थल की तैयारी
- पूजा स्थल को साफ करके वहां भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग स्थापित करें।
- आसन पर बैठकर ध्यान करें और मन को शुद्ध करें।
3. पूजा सामग्री का संग्रह
- पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होगी:
- गंगाजल
- दूध
- दही
- शहद
- घी
- बेलपत्र
- धतूरा
- फूल (विशेषकर सफेद और लाल)
- चंदन
- चावल
- धूप, दीप
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर का मिश्रण)
- भस्म
4. पूजा विधि
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सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें।
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उसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए उन्हें जल अर्पित करें।
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गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर मिलाकर पंचामृत से अभिषेक करें।
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शुद्ध जल से शिवलिंग को स्नान कराएं।
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बेलपत्र, धतूरा, और फूल अर्पित करें।
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चंदन, चावल और भस्म लगाएं।
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धूप, दीप जलाएं और भगवान शिव को आरती करें।
भगवान शिव को अर्पित करें ये चीजें
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बेलपत्र: भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। तीन पत्तों वाला बेलपत्र अर्पित करें।
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धतूरा: शिवलिंग पर धतूरा अर्पित करें, जो भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है।
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पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण पंचामृत के रूप में अर्पित करें।
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गंगाजल: गंगाजल से अभिषेक करें, जिससे भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
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भस्म: भस्म अर्पित करना भी महत्वपूर्ण होता है, जो शिव की प्रिय वस्तु है।
5. मंत्र और प्रार्थना
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“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
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शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।
विशेष ध्यान
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सावन के सोमवार को व्रत रखें और भगवान शिव की पूजा करें।
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शिवलिंग पर तांबे के पात्र में जल भरकर चढ़ाएं।
इस विधि से पूजा करने पर भगवान भोलेनाथ अवश्य प्रसन्न होंगे और आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करे |



