रेवाड़ी के नेहरूगढ़ गांव के युवा पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव ने 25 दिसंबर को अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी विनसन मैसिफ (4,892 मीटर) पर चढ़ाई कर भारतीय तिरंगा फहराया। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ, नरेंद्र ने सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने वाले भारत के सबसे युवा पुरुष पर्वतारोही का विश्व रिकॉर्ड बनाया है।
माइनस 52 डिग्री में 6 दिन का संघर्ष
चढ़ाई के दौरान तापमान माइनस 52 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। विश्वभर से आए पर्वतारोहियों के साथ नरेंद्र ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए इस चुनौती को पार किया। अभियान को स्पार्क मिंडा ग्रुप द्वारा प्रायोजित किया गया। नरेंद्र ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने प्रायोजकों और अपने दृढ़ संकल्प को दिया।
सात महाद्वीपों का सपना पूरा
नरेंद्र ने सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर फतह कर कई विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने 30 साल की उम्र में वह रिकॉर्ड तोड़ा जो पहले 34 साल की उम्र में हासिल किया गया था। नरेंद्र ने माउंट एवरेस्ट, माउंट किलिमंजारो, माउंट एल्ब्रस, माउंट एकॉनकागुआ और माउंट डेनाली सहित अन्य ऊंची चोटियों पर भी विजय पाई है।
प्रेरणादायक पर्वतारोहण यात्रा
नरेंद्र की पर्वतारोहण यात्रा की शुरुआत महज 12 साल की उम्र में हुई, जब उन्होंने जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों पर चढ़ाई शुरू की। 19 साल की उम्र में उन्होंने भागीरथी-2 और डीकेडी-2 जैसी ऊंची चोटियों पर चढ़ाई कर अपनी प्रतिभा साबित की।
शिक्षा और तैयारी
नरेंद्र ने पर्वतारोहण के सभी प्रमुख पाठ्यक्रम पूरे किए, जिनमें बेसिक माउंटेनियरिंग (2012), एडवांस माउंटेनियरिंग (2013), और सर्च एंड रेस्क्यू (2022) शामिल हैं। वह वर्तमान में भारतीय प्रबंधन संस्थान-रोहतक में खेल प्रबंधन में कार्यकारी स्नातकोत्तर डिप्लोमा कर रहे हैं।
भारत का गौरव
नरेंद्र के पिता सेना में जवान थे, और उनका सपना था कि उनके बेटे का नाम विश्व रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो। नरेंद्र की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे भारत को गर्वित किया है। उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से कुछ भी संभव है।
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