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भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 का उद्घाटन: प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और वैश्विक साझेदारी का रखा विज़न

निश्चय टाइम्स डेस्क।

गोवा/नई दिल्ली | 27 जनवरी 2026

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 (India Energy Week 2026) के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में उभरता हुआ मजबूत और भरोसेमंद भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि गोवा में आयोजित इस आयोजन में दुनिया के करीब सवा सौ देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भारत आज ऊर्जा सुरक्षा और सतत भविष्य की दिशा में वैश्विक विमर्श का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

प्रधानमंत्री ने सभी विदेशी प्रतिनिधियों, एंबेसडर्स, सीईओ और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इंडिया एनर्जी वीक बहुत कम समय में डायलॉग और एक्शन का एक प्रभावी वैश्विक प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जिससे ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। साथ ही भारत वैश्विक मांग को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है और आज पेट्रोलियम उत्पादों के शीर्ष पांच निर्यातकों में शामिल है, जिसकी पहुंच 150 से अधिक देशों तक है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए हालिया ऐतिहासिक समझौते का भी उल्लेख किया, जिसे वैश्विक स्तर पर ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल व्यापार को मजबूती देगा, बल्कि लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करेगा। यह समझौता वैश्विक जीडीपी के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे भारत के युवाओं, उद्योगों और निवेशकों को बड़े अवसर मिलेंगे।

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत अपने ऑयल और गैस सेक्टर में इस दशक के अंत तक 100 बिलियन डॉलर के निवेश का लक्ष्य लेकर चल रहा है। एक्सप्लोरेशन सेक्टर को अधिक खुला और निवेशक-अनुकूल बनाया गया है तथा अंडमान-निकोबार बेसिन को भविष्य की नई हाइड्रोकार्बन आशा के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत की रिफाइनिंग क्षमता लगभग 260 एमएमटीपीए है, जिसे 300 एमएमटीपीए से अधिक करने की दिशा में कार्य जारी है। एलएनजी की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत ट्रांसपोर्टेशन, पाइपलाइन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन और पोर्ट टर्मिनल्स के विस्तार पर भी बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। शिप बिल्डिंग के लिए हाल ही में 70 हजार करोड़ रुपये का कार्यक्रम शुरू किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज ऊर्जा सुरक्षा से आगे बढ़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता के मिशन पर काम कर रहा है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों से आह्वान किया—“मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया और इन्वेस्ट इन इंडिया”—और भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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