रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। बुधवार को शाम सात बजे तक 1.05 लाख भक्तों ने रामलला के दर्शन किए। क्रिसमस की छुट्टी के कारण 25 दिसंबर को अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। वीआईपी दर्शन के सभी स्लॉट सुबह 11 बजे तक फुल हो गए। नववर्ष (1 जनवरी) पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दर्शन अवधि में एक घंटे की वृद्धि करने की योजना बनाई है।
प्रबंध और तैयारियां
ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि 1 जनवरी से रामलला के दर्शन का समय बढ़ाया जाएगा, ताकि महाकुंभ और अन्य अवसरों पर आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा मिल सके। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद व्यवस्थाएं और भी सुगम होंगी। दर्शन के लिए सात प्रवेश मार्ग, जूते-चप्पल और सामान रखने की सुविधा, पेयजल, चिकित्सा, और 2000 लोगों के बैठने के लिए तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र बनाया गया है।
दर्शन प्रक्रिया
श्रद्धालु चार पंक्तियों में सुगमता से दर्शन करते हैं। प्रतिदिन तीन लाख श्रद्धालु 40-45 मिनट में दर्शन कर सकते हैं। निकास मार्ग पर प्रसाद वितरण की व्यवस्था है, और हर लाइन में बैठने के लिए बेंच भी उपलब्ध हैं।
नववर्ष पर विशेष तैयारी
1 जनवरी को अधिक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन की अवधि एक घंटे और बढ़ाई जाएगी। यह निर्णय विशेष रूप से प्रयागराज और महाकुंभ से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिया गया है। इस कदम से अयोध्या में आने वाले भक्तों को सहज और दिव्य अनुभव प्राप्त होगा।
रामनगरी में इस समय का माहौल भक्तिमय है, और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रस्ट का यह प्रयास सराहनीय है।