भारत और यूरोपीय संघ ने गाजा युद्ध विराम का किया स्वागत

नई दिल्ली/ब्रुसेल्स। गाजा में संघर्ष विराम समझौते और इजरायल व हमास के बीच बंधकों की रिहाई के फैसले का भारत ने स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने उम्मीद जताई कि यह घटनाक्रम गाजा में सुरक्षित और निरंतर मानवीय सहायता का मार्ग प्रशस्त करेगा। वहीं, यूरोपीय संघ (ईयू) के वरिष्ठ अधिकारियों ने गाजा में युद्धविराम समझौते का स्वागत किया और दोनों पक्षों से इसे पूरी तरह से लागू करने की अपील की।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा हम बंधकों की रिहाई और गाजा में युद्ध विराम के लिए समझौते की घोषणा का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इससे गाजा के लोगों को निरंतर मानवीय सहायता मिलेगी। भारत ने बंधकों की रिहाई, युद्ध विराम और बातचीत और कूटनीति की वकालत की है।
कहा कि हमने लगातार सभी बंधकों की रिहाई, युद्ध विराम और बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया है। युद्ध विराम समझौता कतर, मिस्र और अमेरिका द्वारा दोहा में कई सप्ताह तक चली बातचीत के बाद सम्पन्न हुआ। कतर के प्रधान मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने घोषणा करते की कि पहले 42-दिवसीय चरण में 33 इजरायली बंधकों को रिहा किया जाएगा, जो संभावित रूप से स्थायी युद्ध विराम में विकसित हो सकता है।
वहीं, समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, यह पूरे क्षेत्र में उम्मीद लेकर आया है, जहां लोगों ने बहुत लंबे समय से भारी दुख सहा है। उन्होंने कहा, क्षेत्र में स्थायी शांति और संघर्ष का राजनीतिक हल पाने की दिशा में यह एक कदम है, इसलिए दोनों पक्षों को इस समझौते को पूरी तरह से लागू करना चाहिए।
यूरोपीय संघ में विदेशी मामलों और सुरक्षा नीति के उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास ने एक्स पर कहा, यह हिंसा खत्म करने की दिशा में एक बड़ी और सकारात्मक सफलता है।
प्रारंभिक रिहाई में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार या घायल लोगों को प्राथमिकता दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को एक ब्रीफिंग में इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा आज का दिन बहुत अच्छा है! जल्द ही, बंधक अपने परिवारों के पास घर लौट आएंगे। बाइडेन ने कहा कि बदले में इजरायल फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। युद्ध के स्थायी अंत के लिए इजरायल और हमास दूसरे चरण में आवश्यक व्यवस्थाओं पर बातचीत करेंगे।
कतर ने बुधवार शाम बताया कि इजरायल और हमास गाजा में बंधकों के लिए युद्धविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। इस समझौते के तहत फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले हमास पहले चरण में छह सप्ताह के भीतर 33 बंधकों को छोड़ देगा। यह समझौता 19 जनवरी, रविवार से लागू होगा। पहले चरण के पूरा होने के बाद, दूसरे और तीसरे चरण का विवरण भी बताया जाएगा।
अमेरिका और मध्यस्थ कतर ने कहा है कि इजरायल और हमास एक समझौते पर सहमत हुए हैं, जिससे गाजा में युद्ध रुक सकता है और इजरायली बंधकों के साथ-साथ फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई हो सकती है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अभी भी कुछ समस्याएं हल नहीं हुई हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि बुधवार शाम तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। समझौता होने पर गाजा में युद्ध रुक जाएगा और बंधकों और कैदियों की अदला-बदली होगी।
हमास ने अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमला करके 251 को बंधक बना लिया था। अभी भी 94 लोग उसके कब्जे में हैं, हालांकि इजरायल का मानना है कि इनमें से केवल 60 लोग जीवित हैं।
बंधकों के बदले में इजरायल द्वारा लगभग 1,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किए जाने की उम्मीद है, जिनमें से कुछ लोग कई साल से जेल में हैं।
7 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुए इस संघर्ष के कई विनाशकारी परिणाम सामने आए है। दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और लगभग 250 लोगों का अपहरण किया गया। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में इजरायल के बाद के हमले में 46,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। यह युद्धविराम रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:15 बजे प्रभावी होगा, जिसे इजरायल के मंत्रिमंडल और सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी मिलनी बाकी है।



