राष्ट्रीय

SEZ इकाइयों को बड़ी राहत—रियायती सीमा शुल्क पर घरेलू बाजार में बिक्री की मंजूरी

वैश्विक व्यापार संकट के बीच सरकार का कदम, 20% वैल्यू एडिशन और 30% DTA लिमिट तय

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत वैश्विक व्यापार में आ रही बाधाओं को देखते हुए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) इकाइयों के लिए एक अहम राहत पैकेज की घोषणा की है। इस एकमुश्त उपाय के तहत पात्र SEZ इकाइयों को घरेलू टैरिफ क्षेत्र (DTA) में रियायती सीमा शुल्क दरों पर अपने उत्पाद बेचने की अनुमति दी गई है।

यह राहत केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित की गई थी और अब इसे सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25 के तहत अधिसूचना के जरिए लागू कर दिया गया है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी, जबकि पात्रता के लिए 31 मार्च 2025 तक उत्पादन शुरू होना अनिवार्य रखा गया है।

सरकार ने इस योजना में संतुलन बनाए रखने के लिए स्पष्ट शर्तें भी तय की हैं। लाभ लेने वाली इकाइयों को अपने उत्पादों में कम से कम 20 प्रतिशत मूल्यवर्धन करना होगा। साथ ही, DTA में बिक्री की सीमा पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से किसी एक वर्ष के उच्चतम निर्यात (FOB) के 30 प्रतिशत तक सीमित रखी गई है, ताकि निर्यात पर फोकस बना रहे।

रियायती दरों के तहत सीमा शुल्क में उल्लेखनीय कटौती की गई है—जैसे 10% शुल्क को घटाकर 9%, 20% को 12.5% और 30-40% तक के शुल्क को घटाकर 20% कर दिया गया है। यह कदम उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देने और वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं का असर कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हालांकि, घरेलू उद्योगों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को इस राहत से बाहर रखा गया है। योजना का कार्यान्वयन पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस असेसमेंट सिस्टम के जरिए किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम निर्यात-आधारित इकाइयों को राहत देने के साथ-साथ घरेलू बाजार में संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है।

Related Articles

Back to top button