भारतीय तट रक्षक (ICG) ने अंडमान सागर में एक मछली पकड़ने वाली नाव से लगभग 5 टन नशीले पदार्थों की खेप जब्त की है। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह अब तक की जब्ती जाने जाने वाली नशीली दवाओं की सबसे बड़ी खेप हो सकती है। यह कार्रवाई ड्रग तस्करी और माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है।
इससे पहले, इस महीने की शुरुआत में नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (NCB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने गुजरात तट से 700 किलो मेथामफेटामाइन (मिथ) बरामद किया था, जिसमें आठ ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि समुद्री मार्ग के जरिए नशीली दवाओं का व्यापार लगातार बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए सरकार कठोर कदम उठा रही है।
भारतीय तट रक्षक ने चलाया ऑपरेशन ‘सागर मंथन-4’
ड्रग तस्करी की इस बड़ी खेप को रोकने के लिए भारतीय तट रक्षक, भारतीय नौसेना और गुजरात पुलिस के आतंकवाद-रोधी दस्ते ने मिलकर ऑपरेशन ‘सागर मंथन-4’ चलाया। इस ऑपरेशन में खुफिया जानकारी के आधार पर एक विशेष जहाज की पहचान की गई, जिसे नौसेना ने अपने समुद्री गश्ती जहाजों के माध्यम से पकड़ा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस सफलता को सराहते हुए कहा कि यह सरकार की नशीली दवाओं के खिलाफ मजबूत प्रतिबद्धता और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन समन्वय का उदाहरण है।
नशीली दवाइयों की तस्करी में बड़ी सफलता
2024 में अब तक समुद्री रास्ते से तस्करी कर लाए गए लगभग 3500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को जब्त किया जा चुका है। इस दौरान 11 ईरानी और 14 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी विदेशी नागरिक फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
इन सफल ऑपरेशनों से यह सिद्ध होता है कि सरकार नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार गंभीर कदम उठा रही है।