स्वदेशी युद्धपोत से बढ़ी भारत की ताकत: दुश्मन पनडुब्बियों पर सटीक वार की क्षमता
एग्रे’ की एंट्री से मजबूत हुई समुद्री सुरक्षा, नौसेना को मिली नई ताकत

आत्मनिर्भर भारत को नई उड़ान: 80% स्वदेशी तकनीक से बना अत्याधुनिक युद्धपोत शामिल
निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
कोलकाता, 30 मार्च 2026: भारत की समुद्री सुरक्षा को और सशक्त करते हुए Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) द्वारा निर्मित पनडुब्बी रोधी उथले पानी की युद्धक नौका ‘एग्रे’ को औपचारिक रूप से Indian Navy में शामिल कर लिया गया है। यह इस श्रृंखला का चौथा अत्याधुनिक युद्धपोत है, जो पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है।
करीब 77 मीटर लंबा यह युद्धपोत भारतीय नौसेना के सबसे बड़े जलजेट संचालित जहाजों में से एक है। इसे विशेष रूप से उथले पानी में पनडुब्बियों और बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और आधुनिक सोनार सिस्टम लगाए गए हैं, जो दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखने में सक्षम हैं।
इस जहाज का निर्माण भारतीय जहाजरानी रजिस्टर के मानकों के अनुसार किया गया है, जो देश की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को दर्शाता है। ‘एग्रे’ का नाम भारतीय नौसेना की पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाता है—यह पहले के INS Agray का आधुनिक रूप है, जिसे 2017 में सेवामुक्त किया गया था।
विशेष बात यह है कि इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को नई मजबूती देता है। यह न केवल देश की रक्षा क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग को भी गति देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एग्रे’ जैसे अत्याधुनिक युद्धपोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की तटीय निगरानी, पनडुब्बी रोधी ऑपरेशन और समुद्री सुरक्षा क्षमताओं में बड़ा इजाफा होगा। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह उपलब्धि भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में एक और मजबूत कदम है, जो आने वाले समय में देश की समुद्री शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।



