भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के साए में ईरान के विदेश मंत्री की नई दिल्ली यात्रा

व्यापार, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग पर भारत-ईरान संयुक्त आयोग की बैठक में गहन चर्चा
भारत-ईरान मैत्री संधि की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत-ईरान संयुक्त आयोग की 20वीं बैठक के लिए ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची नई दिल्ली पहुंचे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव बना हुआ है, और ऐसे में ईरान के साथ रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं।
अराघची की भारत यात्रा, जो अगस्त 2024 में उनके पदभार ग्रहण के बाद पहली आधिकारिक यात्रा है, दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से हो रही है। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और ईरान के वरिष्ठ प्रतिनिधि करेंगे। राजधानी के हैदराबाद हाउस में आयोजित इस बैठक में बहुपक्षीय मसलों के साथ-साथ द्विपक्षीय हितों पर भी व्यापक चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय की ओर से अराघची के स्वागत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा गया कि यह दौरा मैत्री संधि की वर्षगांठ पर द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा और विस्तार का उत्तम अवसर है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अराघची के स्वागत में पोस्ट साझा करते हुए कहा, “भारत-ईरान मैत्री संधि की 75वीं वर्षगांठ पर यह बैठक द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूती देने का अवसर है।”
बातचीत के एजेंडे में खासतौर पर व्यापारिक लेनदेन में वृद्धि, ऊर्जा सहयोग विशेष रूप से चाबहार बंदरगाह परियोजना, और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। यह बैठक भारत और ईरान दोनों के लिए क्षेत्रीय भू-राजनीति में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
अराघची का राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का भी कार्यक्रम निर्धारित है, जहां उच्चस्तरीय राजनयिक वार्ता के जरिए दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को और बल दिया जाएगा।



