तुलसी पीठ के संस्थापक जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए ‘बंटोगे तो कटोगे’ वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “हम जब एक होकर रहेंगे, हमारा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।”
मंगलवार को जयपुर में दिए एक बयान में रामभद्राचार्य ने बीजेपी के बंटोगे तो कटोगे नारे पर कहा कि ये बातें समसामयिक और सत्य हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें एकजुट रहना चाहिए। चाहे पंथ अनेक हों, हम सब हिंदू एक हों। उनका कहना था, “जैसे एक अंगुली अकेले तोड़ दी जाती है, लेकिन जब वे मिलकर मुक्का बन जाती हैं तो तोड़ने वाले के दांत टूट जाते हैं।”
पाकिस्तान पर कड़ी टिप्पणी: रामभद्राचार्य ने हाल के दिनों में पीओके, पाकिस्तान और कश्मीर के बारे में कई कड़े बयान दिए हैं। उन्होंने दो दिन पहले जयपुर में श्रीराम कथा के दौरान कश्मीर में धारा-370 और पाकिस्तान का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “धारा-370 की बात मत करो, थोड़े ही दिनों में पाक अधिकृत कश्मीर भी हमारा होगा। अब वह दिन दूर नहीं, जब विश्व के नक्शे से पाकिस्तान का नामो-निशान मिट जाएगा।”
उन्होंने कश्मीर को लेकर भारत के अधिकार की पुष्टि करते हुए कहा, “कश्मीर हमारा है और कोई इसे हमारे देश से अलग नहीं कर सकता। यह भारत का सिरमौर है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब तक उनका त्रिदंड रहेगा, भारत की ओर किसी की कुदृष्टि नहीं सहन की जाएगी।
नेहरू पर निशाना: रामभद्राचार्य ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम लिए बिना कहा, “हमारे देश का दुर्भाग्य यह है कि पहले प्रधानमंत्री ने देश को बांटने का काम किया।” उन्होंने कश्मीर के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए कहा कि कश्मीर ऋषि कश्यप की जन्मभूमि है और भगवान शिव के अमरनाथ रूप में भी विराजित हैं। फिर भी, कश्मीर का आधा हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया गया और उसमें धारा-370 लागू कर दी गई।
रामभद्राचार्य के इन बयानों ने राजनीति और समाज में एक नई बहस को जन्म दिया है।