जयवीर सिंह ने कार्यशाला समापन और प्रेक्षागृह किया लोकार्पण

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन संगीत एवं कला अभिरुचि कार्यशाला-2025 का समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने नवसंवर्द्धित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों और छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रेक्षागृह भविष्य में कला, संगीत, नृत्य और नाटकों के प्रमुख मंचन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। प्रेक्षागृह को अत्याधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है, जिससे कलाकारों को उनकी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए सर्वोत्तम मंच मिलेगा। जयवीर सिंह कहा कि इस एक माह की कार्यशाला में 600 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो यह दर्शाता है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत नई पीढ़ी के माध्यम से सशक्त हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत फिर से विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आर्थिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कार्य हो रहा है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि हर ग्राम पंचायत में वाद्य यंत्रों की किट वितरित की जा रही है, ताकि लोककलाओं को संरक्षित किया जा सके। साथ ही, कलाकारों के ऑनलाइन पंजीकरण और वृद्ध कलाकारों के लिए पेंशन योजना भी चलाई जा रही है।

इस अवसर पर संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को आगामी उत्तर प्रदेश दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले कलाकारों को भी विशेष सम्मान देने की योजना है।
समारोह में प्रमुख रूप से भातखण्डे विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह, आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार, खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद, लेखिका डॉ. विद्या विन्दु सिंह, लोकगायिका मालिनी अवस्थी, डॉ. जयन्त खोत, डॉ. कुमकुम धर, और कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
इस समारोह ने न केवल उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति को प्रदर्शित किया, बल्कि युवाओं को सृजनात्मकता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणा देने का भी कार्य किया।


