उत्तर प्रदेश

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया राज्य स्तरीय वाटरशेड महोत्सव का शुभारंभ

जल संरक्षण, भूमि संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम है वाटरशेड विकास कार्यक्रम

निश्चय टाइम्स डेस्क।
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 2.0 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय वाटरशेड महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वाटरशेड विकास कार्यक्रम प्रदेश में जल संरक्षण, भूमि संरक्षण और किसानों की आय वृद्धि का एक सशक्त एवं प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

जलशक्ति मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत “जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण और उसका समुचित उपयोग” सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वाटरशेड महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि धरती को संजीवनी देने का अभियान है।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की कई नदियों को पुनर्जीवित किया गया है। “कैच द रेन”, “जल जीवन मिशन”, “अमृत सरोवर” और “नमामि गंगे” जैसे अभियानों ने यह सिद्ध कर दिया है कि जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन आंदोलन बन चुका है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग ने कहा कि वाटरशेड प्रबंधन योजनाएं जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्थानीय सहभागिता के साथ लागू की जा रही वाटरशेड परियोजनाओं से भूजल स्तर में सुधार, मृदा संरक्षण और कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। श्री गर्ग ने कहा कि विभाग का उद्देश्य योजनाओं को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना है।

कार्यक्रम के दौरान जलशक्ति मंत्री द्वारा विभिन्न जनपदों में निर्मित 21 भूजल संरक्षण संरचनाओं का वर्चुअल लोकार्पण किया गया। साथ ही 51 उत्कृष्ट कृषकों, 102 महिला स्वयंसेवी प्रतिनिधियों एवं 51 कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) को प्रशस्ति पत्र एवं शाल देकर सम्मानित किया गया। महोत्सव के अवसर पर परियोजना क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा जागरूकता कलश यात्रा भी निकाली गई।

जलशक्ति मंत्री ने कहा कि वाटरशेड परियोजनाओं के माध्यम से वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि, मृदा क्षरण की रोकथाम और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उन्होंने जनभागीदारी पर बल देते हुए कहा कि स्थानीय सहभागिता के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है।

कार्यक्रम में राज्य मंत्री जलशक्ति रामकेश निषाद ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्राकृतिक खेती, बागवानी और जल संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में वाटरशेड प्रबंधन से स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

इस अवसर पर प्रमुख अभियंता संदीप कुमार, सचिव कृष्ण कुमार सहित जलशक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, कृषक और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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