केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर को पहली सरकार मिलने जा रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन के विधायक दल के नेता उमर अब्दुल्ला आज जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह ऐतिहासिक अवसर जम्मू-कश्मीर के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है, क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यह पहला मौका है जब यहां मुख्यमंत्री पद पर किसी ने शपथ ली है। उमर अब्दुल्ला पहले भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, और इस पद के लिए उनके पास व्यापक अनुभव है। अब सभी की नजरें उनकी नई सरकार की नीतियों और राज्य के विकास पर रहेंगी।
उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में इंडिया अलायंस के कई प्रमुख नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस समारोह के लिए विपक्षी दलों के बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया था। शामिल होने वाले नेताओं में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, डीएमके के एमके स्टालिन, शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। इसके अलावा, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता प्रकाश करात ने भी समारोह में भाग लिया।
इन नेताओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि उमर अब्दुल्ला की नई सरकार को विपक्षी गठबंधन इंडिया अलायंस का व्यापक समर्थन प्राप्त है। इस समारोह ने राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा पैदा की है और इसे विपक्षी दलों की एकजुटता और सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर की नई सरकार से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं, और राज्य के भविष्य के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।