Uncategorized

J&K देश की ‘दो आंखें’ हैं: LG मनोज सिन्हा का विपक्ष पर तीखा प्रहार, निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने हाल ही में दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में घाटी को देश की ‘दो आंखें’ बताया और कहा कि अगर एक आंख से कम दिखेगा, तो काम नहीं चलेगा। उनके इस बयान ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है, खासकर जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के दोनों हिस्से (जम्मू और कश्मीर) समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और इस चुनाव में जनता बड़ी संख्या में मतदान करेगी।
विधानसभा चुनावों में बढ़ती निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या
मनोज सिन्हा ने चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंचायती राज नीति को दिया। उन्होंने कहा, “पंचायती राज व्यवस्था के विस्तार के कारण स्थानीय नेताओं को आत्मविश्वास मिला है कि वे अब राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।” सिन्हा के अनुसार, पीएम मोदी द्वारा 370 धारा हटाने के बाद पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया गया, जिससे हर पंचायत को सीधे केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता मिली।
महिलाओं के लिए हुए अभूतपूर्व काम का ज़िक्र
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हुए कार्यों को लेकर भी सिन्हा ने जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमने जितना काम महिलाओं के लिए किया है, उतना किसी और सरकार ने नहीं किया।” पिछले दस वर्षों में किए गए कामों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन वर्षों में जो विकास हुआ है, वह पहले कभी नहीं हुआ था।
विपक्ष पर तीखा हमला
विपक्षी नेताओं द्वारा लगातार आलोचना के बावजूद, मनोज सिन्हा ने राजनीति से दूरी बनाए रखते हुए विपक्ष को इशारों में करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “जो संवैधानिक पदों पर बैठे हैं, उन्हें इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। राजनीतिक दल अपनी बातें कह सकते हैं, लेकिन हम काम करते रहेंगे।”
पीएम मोदी को क्रेडिट
सिन्हा ने पीएम मोदी की पंचायती राज पॉलिसी का जिक्र करते हुए कहा कि इसका सीधा लाभ जम्मू-कश्मीर को मिला है। केंद्र सरकार ने गांवों को सीधे फंड मुहैया कराए, जिससे स्थानीय पंचायतों को खुद निर्णय लेने का अधिकार मिला। उन्होंने कहा, “यह बदलाव स्थानीय स्तर पर लोगों में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है, और इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि इसी का परिणाम है।”
जम्मू-कश्मीर चुनावों की उम्मीद
सिन्हा ने आशा व्यक्त की कि आगामी विधानसभा चुनावों में जनता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी। उन्होंने कहा, “यहां की अवाम लोकसभा चुनाव से भी अधिक मतदान करेगी,” और राज्य में हो रहे विकास और महिलाओं के लिए किए गए कार्यों का उदाहरण देते हुए जनता से अपील की कि वे इस बार अपने मताधिकार का भरपूर उपयोग करें।
जम्मू-कश्मीर में पहली बार स्वतंत्रता के बाद, निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या को एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में लोकतंत्र के प्रति लोगों की बढ़ती आस्था का प्रतीक है। LG मनोज सिन्हा के इस बयान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है, और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button