उत्तर प्रदेशलखनऊ

8 साल से बंद जेपीएनआईसी अब एलडीए के हवाले, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की तर्ज पर फिर होगा शुरू

जेपीएनआईसी की मरम्मत पर खर्च होंगे 70 करोड़, इमारत को मिलेगी नई जिंदगी

लखनऊ के गोमतीनगर में स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी), जो बीते आठ वर्षों से बंद पड़ा था, अब एक बार फिर जीवन की ओर बढ़ेगा। सरकार ने इसकी जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंप दी है। इसे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की तर्ज पर विकसित कर पुनः संचालन में लाया जाएगा।

जेपीएनआईसी का निर्माण लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका था, लेकिन आखिरी चरण के फिनिशिंग कार्य अधूरे रह गए थे। इस लंबे अंतराल में इमारत जर्जर होती चली गई। एयर कंडीशनिंग सिस्टम, लिफ्ट, एस्केलेटर और करोड़ों की लागत से की गई लाइटिंग पूरी तरह खराब हो चुकी है। अब इन सभी चीजों की मरम्मत और रखरखाव के लिए करीब 70 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी।

इस भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेंटर का उद्देश्य सांस्कृतिक, प्रशासनिक और शैक्षिक आयोजनों को एक मंच देना था। लेकिन वर्षों तक राजनीतिक और प्रशासनिक अनदेखी के चलते यह परियोजना ठप पड़ी रही। अब एलडीए की जिम्मेदारी होगी कि वह इसे फिर से जीवंत करे और इसके मूल उद्देश्य को पूरा करे।

एलडीए अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले सभी तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि इसे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की तरह एक सक्रिय और बहुउपयोगी स्थल के रूप में विकसित किया जाए, जिससे राजधानी को एक और आधुनिक सम्मेलन केंद्र मिल सके।

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