14 जून: विश्व रक्तदाता दिवस— एक जीवनदायिनी पहल को सलाम

हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन उन लाखों निःस्वार्थ रक्तदाताओं के सम्मान में समर्पित होता है, जो अपने रक्तदान के ज़रिए अनगिनत जिंदगियों को नया जीवन देते हैं।
इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य न केवल रक्तदाताओं को धन्यवाद देना है, बल्कि समाज में स्वेच्छा से रक्तदान करने के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। WHO और रेड क्रॉस जैसी संस्थाएं इस दिन को ग्लोबल स्तर पर मनाकर यह संदेश देती हैं कि — “रक्तदान महादान है, यह एक इंसान को नहीं, एक पूरे परिवार को जीवन देता है।”
क्यों मनाया जाता है यह दिवस?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में हर दो सेकंड में एक व्यक्ति को खून की ज़रूरत होती है। ऐसे में सुरक्षित और समय पर रक्त की उपलब्धता हर देश की स्वास्थ्य प्रणाली के लिए आवश्यक है। दुर्भाग्य से, अभी भी बहुत से क्षेत्रों में खून की कमी से मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।
World Blood Donor Day का उद्देश्य है:
-
रक्तदान के महत्त्व को उजागर करना
-
रक्तदान से जुड़े भ्रम और डर को दूर करना
-
नियमित और सुरक्षित रक्तदाताओं को बढ़ावा देना
-
युवाओं को इस जीवनदायिनी सेवा से जोड़ना
रक्तदान से जुड़ी कुछ जरूरी बातें:
-
एक स्वस्थ व्यक्ति हर 3 महीने में रक्तदान कर सकता है।
-
एक बार में दिया गया रक्त तीन अलग-अलग मरीजों की जान बचा सकता है।
-
रक्तदान से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्यवर्धक प्रक्रिया मानी जाती है।
इस साल का संदेश है — “रक्तदान करें, जीवन बचाएं और दूसरों के लिए उम्मीद की रोशनी बनें।”



