कानपुर

केडीए का बुलडोजर चला—16 बीघा में फैली अवैध प्लाटिंग जमींदोज

कानपुर में बड़ी कार्रवाई, कई निर्माण ध्वस्त; 8 बीघा और निशाने पर

निश्चयट टाइम्स डेस्क।। अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग पर सख्ती दिखाते हुए कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शुक्रवार को बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई को अंजाम दिया। उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-1बी की टीम ने विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में लगभग 16 बीघा क्षेत्र में विकसित अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।

पहली कार्रवाई ग्राम ख्यौरा कटरी में गंगा बैराज से मंधना मोड़ के पास की गई, जहां राहुल, रोहित और अन्य द्वारा करीब 7.5 बीघा जमीन पर बिना प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त कर दिया।

दूसरी बड़ी कार्रवाई ग्राम ज्यौरा, आजाद नगर में गंगा बैराज से सिंहपुर रोड के बीच हुई। यहां महेश, कौशल, दीप चंद्र, रजनी देवी, अवध बिहारी, कुंज बिहारी, गंगा प्रसाद, कौशल गुप्ता, सर्वेश, रोहित समेत अन्य लोगों द्वारा लगभग 8.5 बीघा क्षेत्र में अनधिकृत प्लाटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम ने यहां भी बिना अनुमति किए जा रहे विकास कार्यों पर बुलडोजर चलाते हुए पूरी साइट को साफ करा दिया।

कार्रवाई के दौरान इंटरनल रोड, नाले, बाउंड्रीवाल, बिजली के खंभे, पिलर और निर्माणाधीन भवनों सहित सभी निशानदेही को तीन जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया। मौके पर अवर अभियंता हिमांशु बर्नवाल, सुपरवाइजर अनिल शर्मा, राम औतार, मनोज, राज कुमार और लाल सिंह के साथ थाना बिठूर की भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही, जिससे अभियान शांतिपूर्वक संपन्न हो सका।

प्राधिकरण ने यह भी जानकारी दी कि नवाबगंज, कल्याणपुर और बिठूर क्षेत्र के गांवों में करीब 8 बीघा अवैध निर्माण और प्लाटिंग को चिन्हित कर लिया गया है। इन पर जल्द ही सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित है। इससे साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में अवैध कॉलोनियों पर और कड़ा शिकंजा कस सकता है।

विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्लाट या जमीन को खरीदने से पहले केडीए से ले-आउट स्वीकृति की पुष्टि अवश्य करें। साथ ही भवन निर्माण से पहले मानचित्र पास कराना जरूरी है, अन्यथा भविष्य में आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

केडीए की इस सख्त कार्रवाई को अवैध निर्माण माफियाओं के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों की अनदेखी कर विकसित की जा रही कॉलोनियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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