कानपुर

अवैध निर्माण पर केडीए का सख्त प्रहार, 4.5 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, 5.5 बीघा क्षेत्र सील

निश्चय टाइम्स डेस्क।

कानपुर | 27 जनवरी 2026

कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने अवैध निर्माण और अनाधिकृत विकास कार्यों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई की। उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल के निर्देश पर प्रवर्तन (जोन-1बी) द्वारा अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण तथा बिना मानचित्र स्वीकृत निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। यह अभियान विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डा. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।

प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय अवर अभियंता श्रवण कुमार, हिमांशु बर्नवाल, सुपरवाइजर राम औतार, मनोज, राज कुमार, लाल सिंह तथा थाना-बिठूर का पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकी।

केडीए द्वारा की गई पहली बड़ी कार्रवाई मटका चौराहे से जंगल वाटर पार्क मोड़ (भगवान बुद्ध आश्रम के पीछे), कानपुर नगर क्षेत्र में की गई। यहां श्री सोनू यादव एवं अन्य द्वारा लगभग 4.5 बीघा भूमि में बिना प्राधिकरण से तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए एवं बिना किसी वैधानिक अनुज्ञा के अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। इस अनाधिकृत विकास के विरुद्ध सख्त कदम उठाते हुए केडीए ने तीन जेसीबी मशीनों के माध्यम से पूरी अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया।

ध्वस्तीकरण के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़कें, नालियां, बाउंड्री वॉल, बिजली के खंभे, पिलर, एंट्री गेट एवं समस्त निशानदेही को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। केडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही किसी भी प्लाटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, उसी दिन सिंहपुर कछार क्षेत्र (सिंहपुर चौराहे से सब्जी मंडी की ओर, प्रेमपुर के आगे), कानपुर नगर में की गई अवैध निर्माण गतिविधियों पर भी कार्रवाई की गई। यहां श्री अभिषेक कटियार, श्री सुशील कटियार एवं अन्य द्वारा लगभग 5.5 बीघा भूमि पर बिना केडीए से मानचित्र स्वीकृत कराए और बिना अनुज्ञा के निर्माण कराया गया था। इस पर उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 28(क) के अंतर्गत पूरे परिसर को सील कर दिया गया।

डा. रवि प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना-कल्यानपुर एवं थाना-बिठूर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में लगभग 11 बीघा क्षेत्रफल की अवैध प्लाटिंग और अनाधिकृत निर्माण को चिन्हित किया जा चुका है, जिन पर शीघ्र ही सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही प्रस्तावित है।

उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि क्रय करने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि संबंधित ले-आउट केडीए से स्वीकृत है। साथ ही भवन निर्माण से पहले मानचित्र की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में आर्थिक और मानसिक क्षति से बचा जा सके।

केडीए ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध यह अभियान सतत रूप से जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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