उत्तर प्रदेश

केशव प्रसाद मौर्य ने संत रविदास जी के जीवन दर्शन से समाज में समानता का आह्वान किया।

लखनऊ: संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का जीवन दर्शन आज भी पूरी तरह से प्रासंगिक है, और हम सबको उनके जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। यह बातें उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने संत रविदास जी की जयंती के अवसर पर कही। उन्होंने अपने कैम्प कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर संत रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार हर योजना में संत रविदास जी की भावनाओं को समाहित करते हुए उसे मूर्त रूप दे रही है।

श्री मौर्य ने संत रविदास के समाजोत्थान के प्रति समर्पित विचारों को दोहराया और उनके प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख किया, जिसमें संत रविदास जी ने कहा था, “प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती। प्रभु जी, तुम मोती, हम धागा जैसे सोनहिं मिलत सोहागा।” उनका यह संदेश था कि हर व्यक्ति समान है और सबका उद्देश्य एक ही होना चाहिए—समाज में समरसता और समानता का प्रचार करना।

उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज में जाति प्रथा के उन्मूलन के लिए अहम प्रयास किए थे। वे पहले लोगों में से थे जिन्होंने यह तर्क किया कि सभी के पास बुनियादी मानवाधिकार होना चाहिए। उनका जीवन और उनके द्वारा गाए गए दोहे आम जनता के उद्धार के लिए थे।

संत रविदास के दोहे “ऐसा चाहूँ राज मैं जहाँ मिलै सबन को अन्न। छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहै प्रसन्न।” को उद्धृत करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि यह संदेश समाज में सभी के लिए समानता का आह्वान करता है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, किसानों और युवाओं को लाभ देने वाली योजनाओं को लागू किया है।

सरकार ने पिछले वर्षों में गांव-गरीब के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनमें पक्का मकान, शौचालय, सड़क, बिजली, पानी, और मुफ्त राशन जैसी योजनाएं शामिल हैं, जो संत रविदास जी की भावना के अनुरूप हैं।

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