केशव प्रसाद मौर्य बयान—‘बाबर के नाम पर मस्जिद बनी तो होगा विरोध’

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक नई मस्जिद की नींव रखे जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमांयू कबीर ने 6 दिसंबर को बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में इस मस्जिद का शिलान्यास किया। इस कदम पर अब उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को कहा कि मस्जिद निर्माण पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि किसी संरचना का नाम मुगल शासक बाबर पर रखा गया तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
मसले पर प्रतिक्रिया देने के बाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी हमला बोला। झांसी में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में मिली हार के बाद सपा प्रमुख “मुंगेरीलाल जैसे सपने” देखने लगे हैं। मौर्य ने दावा किया कि 2024 लोकसभा चुनाव में मिली कुछ सीटों के बावजूद आने वाले विधानसभा चुनाव में सपा की स्थिति और कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि बिहार परिणामों के बाद “लाल टोपी और जालीदार टोपी” उत्तर प्रदेश की राजनीति से गायब हो रही हैं और सपा का भविष्य अंधकारमय दिख रहा है।
एसआईआर समीक्षा बैठक में हुई भागीदारी
झांसी दौरे के दौरान केशव मौर्य ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित बैठक में भी हिस्सा लिया। समीक्षा बैठक के बाद वे पीतांबरा पीठ दतिया पहुंचे और दर्शन किए। इसके बाद वे लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
मुर्शिदाबाद में हुई मस्जिद शिलान्यास की घटना और उस पर आए राजनीतिक बयानों ने एक बार फिर धार्मिक और राजनीतिक बहस को गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।



