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5 जून को राजा राम की प्राण प्रतिष्ठा

श्रद्धालुओं को आमंत्रण नहीं, दर्शन के इच्छुक ही आएं

अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब 5 जून 2025 को राजा राम के रूप में भगवान की दूसरी प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट किया है कि 3, 4 और 5 जून को किसी को भी आमंत्रित नहीं किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि केवल रामलला के दर्शन के लिए ही अयोध्या आएं, प्राण प्रतिष्ठा का शब्द सुनकर भीड़ न लगाएं।

राय ने यह भी बताया कि मौसम अनुकूल नहीं है और मंदिर परिसर के कई भाग अभी दर्शन के लिए खुले नहीं हैं। राम दरबार और परकोटे में बने अन्य उप-मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा 5 जून को होगी। इससे पहले 2 जून को शाम 4 बजे सरयू नदी से जल कलश यात्रा निकलेगी और 3 जून सुबह 6:30 बजे से अनुष्ठान की शुरुआत होगी।

22 जनवरी 2024 को श्रीराम बाल स्वरूप में प्रतिष्ठित किए गए थे। अब राजा राम के रूप में, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता माता और हनुमान जी के साथ उनकी दरबार में प्रतिष्ठा की जाएगी। यह दरबार मुख्य मंदिर के पहले तल पर स्थित होगा।

साथ ही, परकोटा के सात उपमंदिरों में भी विभिन्न देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी—जैसे शिवलिंग, श्रीगणेश, सूर्य देव, अन्नपूर्णा माता, हनुमान जी और मां भगवती।

मुख्य अतिथि के रूप में इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे, जबकि पिछली बार 22 जनवरी को हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया था। सुरक्षा को लेकर एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि अयोध्या में फुलप्रूफ व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

राम मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में हुआ है, जिसकी लंबाई 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है। इसमें 392 खंभे और 44 दरवाजे हैं। यह आयोजन मंदिर निर्माण के समापन की ओर एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

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