RBI का सख्त एक्शन, HSBC पर भारी जुर्माना
निष्क्रिय खातों में लापरवाही, बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल

नियमों की अनदेखी पड़ी महंगी, ग्राहकों के पैसे पर सवाल
निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क (DF हिंदी)
भारतीय बैंकिंग व्यवस्था में अनुपालन की गंभीरता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने The Hongkong and Shanghai Banking Corporation Limited पर 31.80 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है, जो बैंकिंग नियमों की अनदेखी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
RBI की जांच में सामने आया कि बैंक ने ‘इनऑपरेटिव अकाउंट्स/अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स’ से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देशों का पालन नहीं किया। खासतौर पर बैंक अपनी वेबसाइट पर अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स का सर्चेबल डाटाबेस उपलब्ध कराने में विफल रहा, जिससे ग्राहकों को अपने ही पैसे की जानकारी पाने में दिक्कत हो सकती है।
इतना ही नहीं, बैंक ने कुछ मामलों में अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स के लिए आवश्यक UDRN (Unclaimed Deposits Reference Number) भी जारी नहीं किया, जो पारदर्शिता और ट्रैकिंग के लिए बेहद जरूरी है। यह लापरवाही सीधे तौर पर ग्राहकों के हितों को प्रभावित कर सकती है।
RBI ने यह कार्रवाई बैंक की 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति के आधार पर की गई निरीक्षण रिपोर्ट के बाद की। नोटिस और सुनवाई के बावजूद जब आरोप सही पाए गए, तब यह जुर्माना लगाया गया।
हालांकि RBI ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय कमियों पर आधारित है, लेकिन इससे बैंकिंग सेक्टर में जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चूकें आम ग्राहकों के भरोसे को कमजोर कर सकती हैं।
यह सवाल भी उठ रहा है कि जब एक बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंक से ऐसी लापरवाही हो सकती है, तो छोटे बैंकों की स्थिति क्या होगी?
RBI की यह कार्रवाई एक चेतावनी है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट करती है कि बैंकिंग सिस्टम में निगरानी और पारदर्शिता को और मजबूत करने की जरूरत है।



