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लॉरेंस के ‘अनमोल रतन’ ने अमेरिका में खुद को गिरफ्तार करवा कर रचा बड़ा खेला

वॉशिंगटन। गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई, जो लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है, ने अमेरिका में गिरफ्तारी के जरिए भारत सरकार से बचने का नया तरीका अपनाया है। अमेरिका की पोट्टावाटामी काउंटी जेल में बंद अनमोल ने गिरफ्तारी से पहले ही शरण के लिए आवेदन कर दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए सुनियोजित योजना का हिस्सा है।

गिरफ्तारी कैसे हुई?

अनमोल को कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध दस्तावेजों के साथ अमेरिका में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • भारत सरकार ने अमेरिकी प्रशासन को अनमोल की गतिविधियों की जानकारी पहले ही दे दी थी।
  • इसके बाद अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इंफोर्समेंट (ICE) ने उसे हिरासत में लिया।

शरण की अर्जी

अनमोल ने अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाओं (USCIS) के माध्यम से शरण का आवेदन किया है।
  • शरण के लिए आवेदन का उद्देश्य भारत लौटाए जाने से बचना है।
  • भारत के प्रत्यर्पण प्रयासों को इस प्रक्रिया के कारण कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है।

कौन है अनमोल बिश्नोई?

  • अनमोल पंजाब के फजिल्का का निवासी है और कनाडा में रहता है।
  • वह नियमित रूप से अमेरिका की यात्रा करता था।
  • अनमोल पर NIA ने 10 लाख रुपये का इनाम रखा है।
  • उसका नाम सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, अभिनेता सलमान खान को धमकी, और राकांपा नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश में आ चुका है।

भारत की प्रतिक्रिया

  • मुंबई पुलिस ने अनमोल के प्रत्यर्पण को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था।
  • भारत ने उसके हाई-प्रोफाइल अपराधों को लेकर प्रत्यर्पण की मांग की है।
  • लेकिन शरण के लिए आवेदन ने भारतीय एजेंसियों के लिए इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

क्या है आगे की चुनौती?

  • शरण की प्रक्रिया लंबी हो सकती है और इसमें कानूनी जटिलताएं शामिल हैं।
  • यदि अमेरिका अनमोल को शरण देता है, तो भारतीय एजेंसियों के लिए उसका प्रत्यर्पण असंभव हो सकता है।

लॉरेंस गैंग की अंतरराष्ट्रीय पकड़

लॉरेंस बिश्नोई का गैंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित है।
  • जेल में रहते हुए भी लॉरेंस पर गिरोह संचालित करने के आरोप हैं।
  • अनमोल की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट है कि गैंगस्टर अपने बचाव के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं |
अनमोल बिश्नोई की अमेरिका में गिरफ्तारी और शरण की अर्जी भारतीय एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। यह मामला दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय अपराधी अब कानूनी प्रक्रियाओं का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय सरकार को इस मुद्दे पर अमेरिकी प्रशासन से कूटनीतिक स्तर पर मदद की उम्मीद है|

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