
नए साल के आगमन के साथ ही ठंड ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। धुंध और शीतलहर के कारण रेल, सड़क और हवाई यातायात बुरी तरह बाधित हो गया है।

दिल्ली-एनसीआर में शनिवार सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। कई जगहों पर दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है। वाहन चालकों को फॉग लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है। रेलवे और हवाई अड्डों पर भी कोहरे का व्यापक असर देखा गया। कई ट्रेनों की आवाजाही में देरी हुई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
उत्तर भारत में कोहरे की वजह से रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की गति धीमी हो गई। दिल्ली पहुंचने वाली करीब 41 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। महाबोधी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस और पूरबिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं।

इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लो विजिबिलिटी प्रोसीजर लागू किया गया है। शुक्रवार को 100 से अधिक उड़ानें देरी से संचालित हुईं। श्रीनगर हवाई अड्डे पर भी खराब दृश्यता के कारण सुबह की उड़ानों में देरी हुई।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने ठंड को और बढ़ा दिया है। शिमला, मनाली और मसूरी जैसे इलाकों में पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं, लेकिन सड़कें फिसलन भरी होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।
राजस्थान और हरियाणा के कई जिलों में शीतलहर का असर बढ़ रहा है। बीकानेर, चूरू और करनाल जैसे इलाकों में ठंड से लोग परेशान हैं।उत्तर प्रदेश के वाराणसी और कानपुर में घने कोहरे के कारण स्कूलों में उपस्थिति कम हो गई है। लखनऊ में ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।