एक प्रमुख जीवन बीमा कर्मचारी महासंघ ने शनिवार को बीमा प्रीमियम पर GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) वापस लेने और इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में आगे बढ़ोतरी नहीं करने की मांग की।
अखिल भारतीय जीवन बीमा कर्मचारी महासंघ (एआईएनएलआईईएफ) ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वह इसके खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू करेंगे। इस अभियान के तहत महासंघ अपने मुद्दों को लेकर व्यापक दबाव बनाएगा।
महासंघ की प्रमुख मांगें
एआईएनएलआईईएफ के महासचिव वी नरसिम्हन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन अपने प्रस्तावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से संपर्क करेगा और उन्हें समर्थन प्राप्त करने की कोशिश करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन की मुख्य मांगों में नई श्रम संहिता को वापस लेना और 2010 के बाद भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करना शामिल है।
त्रिवार्षिक महासम्मेलन में प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस महासम्मेलन में देशभर से संगठन के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। यह सम्मेलन संगठन के भविष्य के एजेंडा को निर्धारित करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
संगठन का लक्ष्य
अखिल भारतीय जीवन बीमा कर्मचारी महासंघ ने अपने संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया है और इसके लिए वह राजनीतिक समर्थन जुटाने पर भी जोर देगा। संगठन का उद्देश्य कर्मचारियों के हक में महत्वपूर्ण सुधार हासिल करना है, जिसमें बीमा प्रीमियम पर जीएसटी का उन्मूलन और पेंशन योजनाओं का सुधार शामिल है।
Back to top button