क्राइम
लखनऊ: डिलीवरी ब्वॉय की हत्या, लूट और नहर में शव फेंकने का सनसनीखेज मामला

लखनऊ, 1 अक्टूबर 2024 – उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन युवकों ने एक डिलीवरी ब्वॉय की साजिश रचकर हत्या कर दी। डिलीवरी ब्वॉय भरत कुमार प्रजापति (32) की हत्या के बाद, आरोपियों ने उसके दो मोबाइल (कुल कीमत एक लाख रुपये) और 35 हजार रुपये लूट लिए। इसके बाद उसके शव को बैग में डालकर बाराबंकी के माती इलाके में स्थित इंदिरा नहर में फेंक दिया गया।
घटना की शुरुआत
भरत कुमार प्रजापति, जो मूल रूप से अमेठी के जामो के निवासी थे, लखनऊ में अपनी पत्नी अखिलेश कुमारी के साथ सतरिख रोड स्थित सविता विहार में रहते थे। वह इंस्टा कार्ड प्रा.लि कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय के रूप में काम करते थे। 24 सितंबर को, भरत 49 ग्राहकों के ऑर्डर डिलीवर करने के लिए अपने दफ्तर से निकले, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। हब इंचार्ज आदर्श कोष्टा ने इसकी सूचना उनके परिजनों को दी और चिनहट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

हत्याकांड का खुलासा
पुलिस जांच के अनुसार, घटना देवा रोड स्थित बाबा अस्पताल के पास एक घर में घटी। हिमांशु कनौजिया नामक युवक ने अपने फोन से दोनों मोबाइल ऑर्डर किए थे। जब भरत ने डिलीवरी के लिए कॉल किया, तो हिमांशु ने उसे गजानन से बात कराई। गजानन ने कहा कि वह मोबाइल रिसीव करेगा। जब भरत वहां पहुंचा, तो गजानन और आकाश ने उसे घर के अंदर घसीट लिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने उसके मोबाइल और नकदी लूट ली।
शव नहर में फेंका गया
पुलिस को आशंका है कि भरत की लाश के टुकड़े कर उसे बैग में भरकर इंदिरा नहर में फेंका गया। आरोपियों हिमांशु कनौजिया और आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरे आरोपी गजानन की तलाश में पुलिस तीन टीमें लगाकर जुटी हुई है। एसडीआरएफ की टीम मंगलवार को नहर में शव की तलाश में जुटी रही।
पुलिस को कैसे मिले सुराग?
भरत के गुमशुदा होने के बाद, पुलिस ने उनके मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल की जांच की। आखिरी लोकेशन हिमांशु और गजानन के घर के पास की मिली थी। भरत के मोबाइल से अंतिम कॉल हिमांशु और फिर गजानन के नंबर पर की गई थी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज में भी यह स्पष्ट हो गया कि भरत गजानन के घर के अंदर गए थे, लेकिन बाहर नहीं आए। फुटेज में आरोपियों को भरत का बैग एक कार में रखते हुए देखा गया, जिसके बाद पुलिस का शक पुख्ता हो गया।
आरोपियों ने किया कबूल
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि आरोपियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिससे पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।

क्या हत्या की वजह कुछ और है?
भरत के पिता राम मिलन, जो खादी ग्रामोद्योग विभाग में कर्मचारी हैं, और भाई प्रेम कुमार, जो अधिवक्ता हैं, ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि गजानन पहले भरत की कंपनी में काम कर चुका था, जिससे पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की वजह सिर्फ लूट थी या इसके पीछे कोई और कारण भी हो सकता है। फिलहाल, मोबाइल और नकदी लूट की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
यह हत्याकांड लखनऊ में एक बार फिर से सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
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