महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। हाल ही में खरगे ने योगी के “बंटेंगे तो कटेंगे” बयान की निंदा करते हुए उसे “आतंकी जैसी भाषा” करार दिया था। इसके जवाब में योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र के अचलपुर में एक रैली के दौरान खरगे को पुरानी घटनाओं का हवाला देकर तीखा जवाब दिया।
खरगे पर योगी का पलटवार
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “पिछले तीन दिन से कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी मुझ पर नाराज हैं। लेकिन एक योगी के लिए देश सबसे पहले है। हमारे नेता मोदी जी के लिए भी देश पहले है। परंतु आपके लिए, कांग्रेस का तुष्टीकरण सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।” योगी ने खरगे के हैदराबाद स्थित गांव में रजाकारों द्वारा किए गए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए अपने परिवार के बलिदान को भुला दिया है।
योगी ने कहा, “मल्लिकार्जुन खरगे का गांव हैदराबाद के निजाम के अधीन था। उस समय मुस्लिम लीग के साथ मिलकर कांग्रेस ने चुप्पी साध ली थी। उस वक्त हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहे थे, जिससे खरगे का गांव भी प्रभावित हुआ। उनकी मां और परिवार को खो दिया, लेकिन खरगे आज इसे नहीं बताते क्योंकि उन्हें मुस्लिम वोट बैंक खिसकने का डर है।”
‘लव जिहाद और लैंड जिहाद पर करारा वार’
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा, “हम बंटेंगे तो बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी, लैंड जिहाद के तहत जमीनें हड़पी जाएंगी। आज यूपी में कोई लव जिहाद या लैंड जिहाद नहीं है। अगर कोई गरीबों की जमीन हड़पता है या बेटियों की सुरक्षा में बाधा डालता है, तो यमराज उसका टिकट काटने के लिए तैयार हैं।”
खरगे का आरोप – साधु के मुंह से आतंकी भाषा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक है तो सेफ हैं’ और योगी आदित्यनाथ के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नारे की आलोचना करते हुए कहा कि ये साधु की भाषा नहीं है। उन्होंने कहा, “नाथ संप्रदाय का साधु ऐसी भाषा नहीं बोल सकता। यह आतंकी जैसी भाषा है। हम डरने वाले नहीं हैं।”
आगामी चुनाव और राजनीतिक गठबंधन
महाराष्ट्र विधानसभा के आगामी चुनाव में यह तकरार प्रमुख दलों के बीच बढ़ती सियासी खींचतान को दर्शा रही है। शिवसेना-भाजपा गठबंधन सत्ता बनाए रखने की कोशिश में है, जबकि विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) इस गठबंधन को सत्ता से बेदखल करने के लिए चुनावी प्रचार में जुटा है।