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महाराष्ट्र: महायुति की बड़ी जीत पर एकनाथ शिंदे बोले- “भाजपा मुख्यमंत्री बनाए, पूरा समर्थन करेंगे

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महायुति की सफलता के लिए जनता का धन्यवाद किया और मुख्यमंत्री पद पर अपना रुख स्पष्ट किया।
महायुति की लैंडस्लाइड जीत
20 नवंबर को संपन्न हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन ने 280 सदस्यीय विधानसभा में कुल 230 सीटें जीतीं।
  • भाजपा: 132 सीटें
  • शिवसेना (शिंदे गुट): 57 सीटें
  • एनसीपी (अजीत पवार गुट): 41 सीटें
भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है और मुख्यमंत्री पद के लिए दावा मजबूत कर रही है।
शिंदे का बड़ा बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने कहा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मेरी बात हो चुकी है। आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, वह मुझे स्वीकार होगा। अगर भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है, तो शिवसेना (शिंदे गुट) उसका पूरा समर्थन करेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि वे “समस्या का समाधान करने वाले हैं, न कि अड़चन डालने वाले।”
मुख्यमंत्री पद को लेकर असमंजस
भले ही महायुति ने बड़ी जीत हासिल की है, लेकिन मुख्यमंत्री पद पर सहमति नहीं बन पाई है।
  • भाजपा आलाकमान ने शिंदे को केंद्र में कैबिनेट मंत्री या महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव दिया है।
  • शिंदे गुट ने मांग की है कि यदि शिंदे मुख्यमंत्री नहीं बनते, तो उन्हें महायुति सरकार का संयोजक बनाया जाए, और उनके बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे को उपमुख्यमंत्री पद दिया जाए।
फडणवीस और शिंदे के बीच खींचतान
2022 में उद्धव ठाकरे सरकार के पतन के बाद, भाजपा ने शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया था। हालांकि, इस बार भाजपा नेता और कार्यकर्ता देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।
मंत्री पदों का बंटवारा बना चुनौती
महाराष्ट्र कैबिनेट में 43 मंत्री पद हो सकते हैं।
  • भाजपा आधे मंत्री पदों पर दावा कर रही है।
  • शेष पदों को शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी के बीच बांटना होगा।
शिंदे के बयान के बाद यह लगभग तय है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा। अब सभी की निगाहें भाजपा आलाकमान पर हैं, जो फडणवीस और शिंदे गुट के बीच सामंजस्य बैठाने की कोशिश कर रही है। सरकार गठन और मंत्री पदों के बंटवारे को लेकर जल्द ही अंतिम फैसला होने की संभावना है।

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