KYC में बड़ी लापरवाही: RBI ने जिला सहकारी बैंक, कानपुर पर ₹3 लाख का जुर्माना ठोका
जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा न करने पर RBI की सख्त कार्रवाई

निश्चयट टाइम्स डेस्क। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, कानपुर (उत्तर प्रदेश) पर ₹3 लाख का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैंक द्वारा ‘नो योर कस्टमर (KYC)’ दिशानिर्देशों के पालन में गंभीर चूक के कारण की गई है।
RBI ने यह दंड 30 जनवरी 2026 को जारी आदेश के माध्यम से लगाया है। यह जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम की धारा 47A(1)(c) के अंतर्गत, धाराओं 46(4)(i) और 56 के साथ पठित प्रावधानों के तहत लगाया गया है।
RBI की ओर से बताया गया कि बैंक की वैधानिक निरीक्षण प्रक्रिया राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) द्वारा 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में की गई थी। निरीक्षण के दौरान सामने आए पर्यवेक्षण निष्कर्षों में यह पाया गया कि बैंक ने RBI के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया।
निरीक्षण के आधार पर बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें पूछा गया था कि नियामकीय निर्देशों के उल्लंघन पर उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए। बैंक के लिखित उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई में दिए गए मौखिक पक्ष को विचार करने के बाद RBI ने पाया कि आरोप सही हैं।
मुख्य उल्लंघन क्या रहा?
RBI के अनुसार,
बैंक खातों के जोखिम वर्गीकरण (Risk Categorisation) की कम-से-कम हर छह महीने में समीक्षा करने की प्रभावी व्यवस्था लागू करने में विफल रहा, जो कि KYC दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
RBI ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन में कमी के आधार पर की गई है और इसका उद्देश्य बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर टिप्पणी करना नहीं है।
साथ ही RBI ने यह भी कहा कि यह मौद्रिक दंड भविष्य में की जाने वाली किसी अन्य नियामकीय कार्रवाई को प्रभावित नहीं करता, और आवश्यकता पड़ने पर बैंक के विरुद्ध आगे भी कदम उठाए जा सकते हैं।



